डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि रात के समय उसके कई सैन्य ठिकानों पर ड्रोन की मौजूदगी का पता चला है।
यह घटना उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) द्वारा बाल्टिक सागर क्षेत्र में सतर्कता तेज करने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद हुई।
मंत्रालय के बयान के मुताबिक, शनिवार रात से रविवार तक ड्रोन दिखाई देने पर कई स्थानों पर तैनाती की गई, लेकिन ड्रोन की संख्या, जगह या तैनाती के विवरण पर कोई जानकारी नहीं दी गई।
यह ताजा घटना पिछले सप्ताह पांच डेनिश हवाई अड्डों सहित विभिन्न स्थानों पर ड्रोन देखे जाने के बाद सामने आई है, जिससे रूस के बढ़ते खतरे के बीच उत्तरी यूरोप में सुरक्षा चिंताएं और गहरा गई हैं।
शनिवार को लातविया की राजधानी रीगा में नाटो की बैठक के बाद सुप्रीम हेडक्वार्टर एलाइड पॉवर्स यूरोप के प्रवक्ता कर्नल मार्टिन ओ’डॉनेल ने कहा कि बाल्टिक सागर क्षेत्र में हम सतर्कता और बढ़ाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि नाटो के नेता डेनमार्क के अधिकारियों के साथ हाल की ड्रोन घटनाओं पर लगातार संपर्क में हैं।
इससे पहले स्वीडन ने डेनमार्क को ‘सैन्य ड्रोन-रोधी क्षमता’ मुहैया कराने की पेशकश की थी, हालांकि इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
ड्रोन गतिविधियों की रिपोर्ट्स के बाद डेनमार्क में हाल के दिनों में तनाव चरम पर है। नागरिकों ने सैकड़ों ड्रोन देखे होने की शिकायतें की हैं, लेकिन इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
डेनमार्क कोपेनहेगन में होने वाले यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की तैयारियों में जुटा है। इसी कड़ी में परिवहन मंत्रालय ने रविवार को घोषणा की कि सोमवार से शुक्रवार तक देश के हवाई क्षेत्र में सभी नागरिक ड्रोन उड़ानें प्रतिबंधित रहेंगी, ताकि दुश्मन ड्रोनों को वैध उड़ानों से अलग पहचाना जा सके।
परिवहन मंत्री थॉमस डेनियलसन ने बयान जारी कर कहा कि हमें यह बर्दाश्त नहीं है कि विदेशी ड्रोन हाल की तरह समाज में अनिश्चितता और बेचैनी फैलाएं। ऊपर से अगले सप्ताह हम यूरोपीय संघ के नेताओं की मेजबानी करेंगे, जहां सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
बयान में स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर जुर्माना या दो साल तक की सजा हो सकती है। यह रोक सैन्य ड्रोन उड़ानों, सरकारी विमानन ड्रोनों, पुलिस व आपातकालीन संचालन, तथा स्थानीय व क्षेत्रीय आपात और स्वास्थ्य ड्रोन गतिविधियों पर लागू नहीं होगी।
वहीं, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि जर्मन वायु रक्षा फ्रिगेट एफएसजी हैम्बर्ग कोपेनहेगन पहुंच चुका है। मंत्रालय के अनुसार, यह जहाज आगामी यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान डेनमार्क के हवाई क्षेत्र की निगरानी मजबूत करने में मदद करेगा।
यह फ्रिगेट नाटो की बाल्टिक सेंट्री अभियान का हिस्सा है, जो गठबंधन के पूर्वी क्षेत्र में नाटो की मौजूदगी को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है।