अमेरिका के मिशिगन में एक मॉर्मन चर्च में गोलीबारी की घटना हुई है।
इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई है। स्थानीय पुलिस ने बताया यह घटना डेट्राइट से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर में ग्रैंड ब्लैंक स्थित द चर्च ऑफ लैटर-डे सेंट्स में हुई।
पुलिस के मुताबिक हमलावर को मार गिराया गया है, लेकिन उसने मरने से पहले चर्च में आग लगा दी थी। फिलहाल जनता को कोई खतरा नहीं है लेकिन चर्च में अभी भी आग लगी हुई है।
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस चर्च के चारों और एक बड़ा पार्किंग स्थल है और यहां पर यह रिहायशी इलाकों और एक यहोवा के साक्षी चर्च के पास स्थित है।
इस शहर में मॉर्मन चर्च से जुड़े 8000 लोग रहते हैं। मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर ने इस घटना के ऊपर बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “ग्रैंड ब्लैंक समुदाय के लिए मेरा दिल टूट रहा है। किसी भी जगह खासकर पूजा स्थल पर हिंसा अस्वीकार्य है।”
गौरतलब है कि यह गोलीबारी चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स के अब तक के सबसे बुजुर्ग अध्यक्ष रसेल एम. नेल्सन के 101 वर्ष की आयु में निधन के अगले दिन हुई है।
आपको बता दें मॉर्मन चर्च के अनुयायी खुद को ईसाई लोगों से थोड़ा सा अलग मानते हैं। यह बाइबिल के अलावा बुक ऑफ मार्मन नामक धार्मिक ग्रंथ को भी मानते हैं।
इस पंथ की स्थापना 1830 में न्यूयॉर्क में जोसेफ स्मिथ ने की थी। उन्होंने दावा किया था कि ईश्वर से मिली और सोने की पट्टिकाओं पर लिखी प्राचीन अमेरिकी सभ्यता की धार्मिक कथा का अनुवाद करके बुक ऑफ मार्मन लिखी गई है।
इस पंथ को मानने वाले लोग अमेरिका के अलावा बाहर भी है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 1.7 करोड़ लोग इसको मानते हैं। इसके युवा सदस्यों को दुनिया भर में मिशनरी कामों पर भेजा जाता है।