यूपी में हिस्ट्रीशीटर की घेरकर ईंट-पत्थरों से पीट-पीटकर हत्या, 18 लोगों के खिलाफ केस दर्ज…

यूपी में प्रयागराज के अल्लापुर में शुक्रवार की रात एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। हमले में उसका एक साथी घायल भी हुआ है। उसे बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वारदात की वजह रंजिश बताई गई। मृतक की बहन रत्नादेवी की तहरीर पर हिस्ट्रीशीटर बदमाश सिकंदर समेत लगभग डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें लगी हैं।

ईडब्ल्यूएस कॉलोनी अल्लापुर निवासी 40 वर्षीय साजन पुत्र छोट्टन नगर निगम में सफाईकर्मी था। तीन भाई में सबसे छोटा था। साजन जार्जटाउन थाने का हिस्ट्रीशीटर भी था। उस पर 21 मुकदमे दर्ज थे।

शुक्रवार रात वह अपने दोस्तों संजय, विनीत और दारागंज निवासी अमित निषाद के साथ मोहल्ले में ही रोशनी देखने गया था। पुलिस के अनुसार, रात लगभग 12:30 बजे अमिताभ बच्चन रोड पर हैजा अस्पताल के पास वहीं के रहने वाले सिकंदर पासी, गुड्डू पासी, सुधीर पासी, गोलू पासी, बेतुल और जितेंद्र आदि से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया।

साजन और अमित को गली के अंदर खींच ले गए, जबकि संजय और विनीत बचकर भाग निकले। गली में ले जाने के बाद आरोपियों ने ईंट-पत्थर से साजन के सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी। अमित के साथ भी मारपीट की गई।

उसके पैर में गंभीर चोट आई है। उसका बेली अस्पताल में इलाज चल रहा है। सूचनापर जार्जटाउन पुलिस मौके पर पहुंची और साजन को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने मामले की जानकारी साजन के घरवालों को दी तो वह अस्पताल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्ष नशे में थे।

एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि जार्जटाउन थाने के हिस्ट्रीशीटर साजन की आपसी रंजिश में हत्या हुई है। आरोपी भी अपराधी प्रवृत्ति के हैं। उन पर भी गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं।

मुख्य आरोपी सिकंदर पासी भी हिस्ट्रीशीटर है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जार्जटाउन थाने की दो, कर्नलगंज थाने की एक और एसओजी की दो टीमें लगाई गई हैं।

आरोपियों को पुलिस संरक्षण का आरोप

साजन की हत्या के मामले में जार्जटाउन पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। साजन के परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्चा पासी गैंग से जुड़े आरोपी बड़े पैमाने पर स्मैक का कारोबार करते हैं। आए दिन वह वारदातें करते हैं। स्मैक बिक्री में स्थानीय पुलिस का इन्हें संरक्षण प्राप्त है।

पुलिस उन पर कोई कार्रवाई नहीं करती। हैजा अस्पताल के पास डॉयल 112 के पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, उनके सामने ही स्मैक बेची जाती है।

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