यूपी के बरेली में शुक्रवार को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के ऐलान पर पैदल मार्च निकालने इस्लामिया ग्राउंड जा रही भीड़ को पुलिस द्वारा रोके जाने पर बवाल हो गया।
भीड़ द्वारा किए गए पथराव और फायरिंग में दस पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल हो गए। भीड़ ने तीन बाइकों और एक दुकान में तोड़फोड़ भी की।
इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की देर रात लखनऊ में कानून व्यवस्था की समीक्षा की। शनिवार की सुबह भी उन्होंने बरेली का फीडबैक लिया है।
शुक्रवार शाम कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कुचल देगी।
पर्व-त्योहारों के अवसर पर कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अशांति फैलाने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है।
उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें, यही समय है, सही समय है।’
सीएम योगी के सख्त तेवरों के बाद बरेली में पुलिस ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। 50 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सीएम योगी ने हाल के दिनों में कानपुर नगर, वाराणसी, मुरादाबाद, बदायूं, महराजगंज, उन्नाव, संभल, आगरा और बरेली में आपत्तिजनक जुलूस और भड़काऊ नारेबाजी की घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच हो। इन जुलूसों में शामिल एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वीडियो फुटेज खंगालें, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग करें और हर एक उपद्रवी पर कार्रवाई करें।
शुक्रवार देर रात हुई मीटिंग
बरेली बवाल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल एडीजी, आईजी, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों सहित फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में बहरूपिये अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए।
महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, चेन स्नेचिंग या एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर न केवल थाने और चौकी की जवाबदेही तय होगी बल्कि पीआरवी की भूमिका भी जांची जाएगी।
दशहरे के बाद जोनल एडीजी इसकी थानावार समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
ड्रोन के जरिए चोरी की अफवाहों पर सख्ती का आदेश
सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज आदि जिलों में ड्रोन के जरिए रेकी और चोरी की अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताया।
उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करती रहे। चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि गलत सूचनाओं से जनता आतंकित न हो।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई और कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। जाति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को पूरी तरह खत्म करना होगा।
प्रतिमाओं की ऊंचाई को लेकर आदेश
त्योहारों के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिमाएं सुरक्षित सीमा से अधिक ऊंची न हों और नदियों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
दुर्गा पूजा समितियों से संवाद कर सुरक्षित व्यवस्था बनाएं और रावण दहन कार्यक्रम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराएं। गो-तस्करी और बूचड़खानों पर कठोर कार्रवाई की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने मानक के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं।