ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठनों में एयर स्ट्राइक की इतनी दहशत है कि वे अपना ट्रेनिंग सेंटर भारत-पाक सीमा से दूर शिफ्ट कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद के बाद लश्कर-ए-तैयबा ने भी पीओके और पंजाब से दूर खैबर पख्तूनख्वा में अपना मरकज बना रहा है।
रिपोर्ट की मानें तो अफगानिस्तान की सीमा से 47 किलोमीटर दूर लश्कर अपना मरकज जिहाद-ए-अक्सा बना रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के करीब दो महीने बाद जुलाई में ही इस इमारत का निर्माण शुरू हुआ था।
भारतीय खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि लश्कर के जान-ए-फिदाई के बदले यह नया अड्डा बनाया जा रहा है। यहां पर फिदायीनों को ट्रेनिंग दी जाती थी।
7 मई की स्ट्राइक में भारतीय सेना ने भींबर-बरनाला में लश्कर के मरकज अहले हदीथ को तबाह कर दिया था।
इमेजरी में दिखाया गया है कि लश्कर ने खैबर पख्तूनख्वा में जामिया अहले सुन्ना मस्जिद के बगल में करीब 4600 स्क्वायर फीट में निर्माण शुरू किया है।
यहां का सारा कामकाज 2006 में हैदराबाद ब्लास्ट का मास्टरमाइंड नासर जावेद देखेगा। वहीं मोहम्मद यासिन उर्फ बिलाल भाई को जिहादियों को ट्रेनिंग देने का काम सौंपा गया है।
हथियार चलाना सिखाने कका काम अनासुल्लाह खान को दिया गया है। सूत्रों की मानें तो लश्कर अपने मरकज-ए-खैबर और गढ़ी हबीबुल्लाह को भी बढ़ाना चाहता है। लश्कर, हिज्बुल और जैश के इन आतंकी कैंपों के बीच दूरी 4 या पांच किलोमीटर की ही है।
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ ‘समग्र, व्यापक और परिणामोन्मुखी’ बातचीत के लिए तैयार है।
उन्होंने कश्मीर की स्थिति को लेकर भारत की आलोचना भी की। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र की आम बहस को संबोधित करते हुए शरीफ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी जिक्र किया और दावा किया कि मई में चार दिनों तक चले संघर्ष के दौरान ‘सात भारतीय विमान क्षतिग्रस्त हुए थे।’
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पिछले महीने कहा था कि भारतीय विमानों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक बड़े विमान को मार गिराया था।
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सात मई को शुरू किए गए इस अभियान के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।