संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए अमेरिका पहुंचे विदेश मंत्री जयशंकर ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के समकक्षों के साथ बैठक की।
इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए विदेश मंत्री ने साथी सदस्यों से वैश्विक शांति स्थापना, कूटनीति और अंतर्राष्ट्री कानून के पालन के लिए काम करने का आग्रह किया।
ब्रिक्स समूह के विदेश मंत्रियों की यह बैठक इसलिए और भी ज्यादा खास हो जाती है क्योंकि यह अमेरिका में हुई है। ट्रंप लंबे समय से इस समूह को अमेरिका विरोधी बताते रहे हैं।
इतना ही नहीं उन्होंने समूह के ऊपर लंबे टैरिफ लगाने की धमकी भी दी थी। इसके बाद भी समूह ने उन्हीं के देश में बैठक की है।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर इस बैठक की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने लिखा, “आज न्यूयॉर्क में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की एक बैठक की मेजबानी की और इस बात पर जोर दिया कि एक अशांत दुनिया में ब्रिक्स को शांति, स्थापना, संवाद, कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय कानून के पालन के संदेश को लेकर आगे बढ़ना चाहिए।”
विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए ब्रिक्स की मजबूत आवाज का आह्वान करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषषद में व्यापक सुधार के लिए समूह को अपने आह्वान को और भी ज्यादा मजबूत करना चाहिए।
इसके अलावा विदेश मंत्री ने लिखा, “बढ़ते संरक्षणवाद, टैरिफ अस्थिरता और गैर टैरिफ बाधाओं के व्यापार पर पड़ते प्रभाव को भी ब्रिक्स बहुपक्षीय प्रणाली द्वारा सुरक्षा करनी चाहिए।”
जयशंकर ने जी4 सदस्य देशों के समकक्षों से भी की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स समूह के अलावा जी4 देशों के समकक्षों से भी बात की। आपको बता दें यह वह समूह है, जो लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र में सुधारों की वकालत करता रहा है। इन चार देशों के समूह में भारत के अलावा जापान, जर्मनी और ब्राजील शामिल हैं।
एक्स पर पोस्ट करके इस बैठक की जानकारी देते हुए विदेश मंत्री ने लिखा, “आज न्यूयॉर्क में अपने सहयोगियों ताकेशी इवाया (जापानी विदेश मंत्री), जोहान वेडफुल (जर्मनी के विदेश मंत्री और मौरो विएरा (ब्राजील की विदेश मंत्री) के साथ बैठक करके खुशी हुई। जी4 ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित संयुक्त राष्ट्र में सुधार के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
रूसी विदेश मंत्री के साथ बैठक
इन बैठकों से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन की दिसंबर में होने वाली भारत यात्रा, रूस और यूक्रेन युद्ध समेत तमाम मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा विदेश मंत्री ने कई और देशों के नेताओं से भी बातचीत की है।