प्रधान न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई ने कहा है कि बुलडोजर कार्रवाई पर उनके फैसले से उन्हें ‘अत्यधिक संतुष्टि’ मिली है, क्योंकि यह ‘मानवीय समस्याओं’ से निपटता है।
जस्टिस गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की उच्चतम न्यायालय की पीठ ने 13 नवंबर 2024 को ‘बुलडोजर न्याय’ की तुलना एक अराजक स्थिति से की थी और देशभर के लिए दिशानिर्देश निर्धारित किए थे।
शीर्ष न्यायालय के वकीलों के एक शैक्षणिक समूह द्वारा 19 सितंबर को आयोजित एक अभिनंदन समारोह में CJI गवई ने कहा कि उन्हें लगभग छह महीने तक जस्टिस विश्वनाथन के साथ पीठ साझा करने का अवसर मिला।
शीर्ष न्यायालय के वकीलों के एक शैक्षणिक समूह द्वारा 19 सितंबर को आयोजित एक अभिनंदन समारोह में CJI गवई ने कहा कि उन्हें लगभग छह महीने तक जस्टिस विश्वनाथन के साथ पीठ साझा करने का अवसर मिला।
प्रधान न्यायाधीश गवई ने कहा कि उन्होंने न्याय की बेहतरी और देश भर में न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे में सुधार लाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने न्याय प्रशासन की बेहतरी और देश भर में न्यायिक बुनियादी ढांचे में सुधार लाने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए हर पल प्रयास किया है कि उच्च न्यायालयों में नियुक्तियां शीघ्रता से तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचें।’
प्रधान न्यायाधीश के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उच्चतम न्यायालय में वकालत कर रहे युवा वकीलों को ‘अच्छा प्रतिनिधित्व’ देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘हमें पूरा विश्वास है कि उच्चतम न्यायालय में उन्हें जो समृद्ध अनुभव प्राप्त होता है, वह वास्तव में उच्च न्यायालय स्तर पर दक्षता लाने या उसे बढ़ाने में मदद करता है।’