टॉम होमन पर रिश्वत लेने का आरोप, स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया बड़ा खुलासा; ट्रंप के साथी कौन हैं…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस साल जनवरी में जब दूसरी बार राष्ट्रपति का पद संभाला तो उन्होंने अपने भरोसेमंद और करीबी टॉम होमन को अमेरिकी सीमाओं का प्रभारी बनाया था।

ये वही टॉम होमन हैं, जिनके बॉर्डर प्लान ने अवैध अप्रवासियों को जबरन अमेरिका से डिपोर्ट करवाया था और देश की उत्तरी सीमा को सील करवाया था।

अब वही होमन 50,000 डॉलर नकदी की रिश्वत मामले में फंस गए हैं।

हालांकि अमेरिकी न्याय विभाग ने उनके खिलाफ जांच को अब बंद कर दिया है लेकिन न्याय विभाग के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सीमा मामलों के प्रभारी टॉम होमन ने पिछले साल अमेरिकी न्याय विभाग की एक रिश्वतखोरी जांच के दौरान एक अंडरकवर एफबीआई एजेंट से 50,000 डॉलर की नकदी स्वीकार की थी।

रॉयटर्स ने अमेरिकी न्याय विभाग के दो अधिकारिक सूत्रों के हवाले से रविवार को यह जानकारी दी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सूत्रों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि होमन ने एक पार्टी से 50 हजार डॉलर नकद लेकर ट्रंप प्रशासन में शामिल होने पर आव्रजन संबंधी सरकारी ठेके देने का वादा किया था।

सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में एफबीआई निदेशक काश पटेल ने गर्मियों में जाँच बंद करने का आदेश दिया था। फिलहाल होमन से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका है।

जांच बंद की जा रही है

रविवार को एफबीआई निदेशक काश पटेल और उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने एक बयान में कहा, “यह मामला पिछले प्रशासन के दौरान शुरू हुआ था और एफबीआई एजेंटों और न्याय विभाग के अभियोजकों द्वारा इसकी पूरी समीक्षा की गई थी लेकिन उन्हें किसी भी आपराधिक गड़बड़ी का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला। इसलिए यह जांच बंद की जा रही है।”

जो बाइडेन कार्यकाल का मामला

पटेल ने अपने बयान में यह भी कहा कि विभाग के संसाधनों को अमेरिकी लोगों के लिए वास्तविक खतरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि आधारहीन जाँच पर।

परिणामस्वरूप, जाँच बंद कर दी गई है। एक अन्य सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि होमन के खिलाफ रिश्वतखोरी मामले की जाँच अगस्त 2024 के आसपास राष्ट्रपति जो बाइडेन के शासनकाल में शुरू हुई थी।

यह जांच उस स्टिंग ऑपरेशन के बाद शुरू की गई थी, जिसमें होमन कैमरे के सामने 50 हजार डॉलर कैश लेते पकड़े गए थे।

उन्होंने तब ये रिश्वत लेते हुए भरोसा दिलाया था कि वह इमिग्रेशन डिपार्टमेंट में ठेका दिलाएंगे। टॉम होमन ट्रंप के पहले कार्यकाल में इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट विभाग में कार्यकारी निदेशक का जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *