ट्रंप के दबाव में चीन पर बैन लगाने की तैयारी में यूरोपीय संघ, क्या मानेगा 100% टैरिफ की शर्त?…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद यूरोपीय संघ चीन पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है।

इससे पहले ट्रंप ने बीते सप्ताह नाटो देशों को एक खत भेजकर चीन के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही थी। ट्रंप ने चीन सहित रूस से व्यापार करने वाले अन्य देशों पर 50 से 100 फीसदी टैरिफ लगाने को भी कहा था।

वहीं ट्रंप कई बार यूरोप की चीन नीति की आलोचना कर चुके हैं। ट्रंप ने समूह पर चीन के साथ बहुत नरम होने का आरोप लगाया है और इससे अमेरिका के साथ संबंध बिगड़ने की चेतावनी भी दी है।

ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, “अगर यूरोपीय संघ अमेरिका के साथ मजबूत साझेदारी चाहता है, तो उसे चीन को खुली छूट देना बंद करना होगा।”

हालांकि यूरोपीय संघ चीन पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के समर्थन में नहीं है। फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय संघ ने ट्रंप की इस अपील को मानने से इनकार कर दिया है।

यूरोप को डर है कि इस कदम से पूरी दुनिया में नए सिरे से व्यापार युद्ध शुरू हो सकता है। इसके बजाय ये देश चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों, स्टील और सोलर पैनल जैसे क्षेत्रों पर लक्षित टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही यूरोप में संचालित कुछ चीनी कंपनियों पर संभावित प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

क्यों कतरा रहे हैं यूरोपीय देश?

यूरोपीय देश अमेरिका के सख्त रवैये को पूरी तरह से अपनाने से कतरा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि चीन, अमेरिका के बाद यूरोपीय संघ का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों पक्षों के बीच 2024 में 700 अरब यूरो से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था।

जर्मनी और हंगरी समेत कई सदस्य देशों को डर है कि आक्रामक टैरिफ से जवाबी कार्रवाई हो सकती है जिससे कार और मशीनरी जैसे प्रमुख निर्यात प्रभावित होंगे।

क्या कह रहे हैं विश्लेषक?

वहीं विश्लेषकों का कहना है कि यूरोपीय संघ की रणनीति ट्रंप की मांगों और अपनी आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करने की है।

एक यूरोपीय व्यापार विशेषज्ञ ने कहा, “सवाल यह है कि क्या यूरोपीय देशों के हालिया प्रतिबंध अमेरिका को संतुष्ट करेंगे? ट्रंप शक्ति प्रदर्शन करना चाहते हैं। यूरोपीय संघ एक व्यापार युद्ध छेड़े बिना अपने उद्योगों की रक्षा करना चाहता है। ये लक्ष्य एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *