गोरखपुर छात्र हत्याकांड: आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, एक गोली से घायल, दो दबोचे गए…

गोरखपुर में छात्र की हत्या के मामले में पुलिस को 40 घंटे के अंदर ही बड़ी सफलता मिल गई है। पुलिस और हत्यारों के बीच एनकाउंटर हुआ है। इसमें पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए एक पशु तस्कर को गोली मारकर पकड़ा है।

उसके दो साथी भी गिरफ्तार किए गए हैं। गोली मारकर पकड़े गए आरोपी की पहचान रहीम के रूप में हुई है। उसके दो साथियों की पहचान छोटू और राजू के रूप में हुई है।

एनकाउंटर उसी पिपराइच थाना क्षेत्र में हुआ है जहां सोमवार की रात कांड हुआ था। एसएसपी के अनुसार कुशीनगर और पिपराइच पुलिस की संयुक्त कोशिश के बाद यह सफलता हाथ लगी है।

एक आरोपी को वारदात के समय ही ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। इस तरह पूरे मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गोरखपुर के पिपराइच इलाके में सोमवार देर रात पशु तस्करों ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी।

पीछा करने के शक में तस्करों ने नीट की तैयारी कर रहे छात्र दीपक को अगवा कर मार डाला और शव गुलरिहा इलाके में फेंक कर फरार हो गए थे।

इसी बीच तस्करों की दूसरी गाड़ी को ग्रामीणों ने घेर लिया। गाड़ी फंसने पर उतरकर भाग रहे तस्करों में से एक को ग्रामीणों ने दबोच लिया। इसके बाद तस्करों की गाड़ी फूंक दी।

पकड़े गए तस्कर को कब्जे में लेने के प्रयास में गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया। हमले में पिपराइच थानेदार का हाथ टूट गया जबकि एसपी नार्थ के कंधे व पैर व अन्य पुलिसवालों के सिर और कंधे में चोट आई।

सुबह होते ही ग्रामीणों ने फरार तस्करों की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों को लेकर गोरखपुर-पिपराइच मार्ग जाम कर दिया। पांच घंटे बाद किसी तरह लोगों को शांत कराया जा सका।

देर रात एडीजी लॉ एंड आर्डर अमिताभ यश भी गोरखपुर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एडीजी ने पीड़ित परिवार से बात की और आरोपितों पर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिया।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूरी घटना की जानकारी ली और समीक्षा बैठक की।

पूरी पुलिस चौकी सस्पेंड

सूचना देने के बाद भी चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों के मौके पर न जाने की लापरवाही सामने आने पर एसएसपी ने इंचार्ज सहित पूरी चौकी को निलम्बित करने के साथ ही जांच शुरू करा दी है।

दीपक की हत्या के बाद सड़क जाम करने वाले परिवारीजनों की पांच मांग में से एक मांग जंगल धूषण चौकी की पुलिस पर कार्रवाई की भी थी। स्थानीय लोग चौकी इंचार्ज से सबसे ज्यादा नाराज थे।

उनका कहना था कि चौकी इंचार्ज को पहले ही बताया गया था कि तस्कर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि डंपर का इंतजाम कर रहा हूं आप लोग भी करिए।

लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने मंगलवार की रात में चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी, सिपाही अंकित यादव, राकेश यादव, संदीप यादव, हेड कांस्टेबल शाहिद खान को निलम्बित कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *