यूपी के कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के अब्दुल हमीदनगर स्थित संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला के 11 वर्षीय छात्रावासी की गला घोंट कर हत्या पूर्व प्रधानाचार्य ने की थी।
आरोप है कि पूर्व प्रधानाचार्य, बच्चे के साथ अनैतिक कृत्य करना चाहता था जिसका छात्र ने पुरजोर विरोध किया। यही नहीं उसने परिवारवालों से शिकायत करने की बात भी की।
इसी से घबड़ाकर उसने बच्चे की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद रात में दो बेटों और मौजूदा प्रधानाचार्य की मदद से शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रंग देने की कोशिश की थी।
पुलिस ने इस मामले में पूर्व प्रधानाचार्य, उसके दो बेटों और मौजूदा प्रधानाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है।
एएसपी विनेश कटियार ने मंगलवार को जिला पुलिस कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान यह खुलासा किया। एसपी ने बताया कि बीते 12 सितंबर को भोर में संस्कृत विद्या प्रबोधिनी पाठशाला के छात्रावासी 11 साल के छात्र की फंदे से लटकी लाश मिली थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंट कर हत्या किए जाने की बात प्रकाश में आयी। एसपी संतोष कुमार मिश्र ने अगले दिन खुद मौके का निरीक्षण किया।
परिसर के लोगों के बयान लेने के बाद उन्होंने एएसपी और सीओ कसया कुंदन सिंह के नेतृत्व में खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया था।
छानबीन के बाद हाटा कोतवाली, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने हत्या का खुलासा करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक प्रभुनाथ पाण्डेय पुत्र स्व कैलाश नाथ पाण्डेय निवासी अब्दुल हमीद नगर ( मुजहना रहीम ) हाटा, वर्तमान प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार द्विवेदी पुत्र रामवृक्ष द्विवेदी निवासी वार्ड अम्बेडकरनगर (चकिया) हाटा, शिवनाथ पाण्डेय व रामनाथ पुत्रगण प्रभुनाथ पाण्डेय निवासी अब्दुल हमीद नगर ( मुजहना रहीम ) हाटा को गिरफ्तार कर लिया है।
अभियुक्तों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त धोती व दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मुख्य अभियुक्त प्रभुनाथ पाण्डेय पर हाटा कोतवाली में पहले से धोखाधड़ी का केस दर्ज है।
शातिर प्रभुनाथ ने कई साक्ष्य सामने आने पर कबूल किया गुनाह
एएसपी ने पाठशाला के पूर्व प्रधानाचार्य प्रभुनाथ पाण्डेय से पूछताछ के आधार पर बताया कि 11-12 सितंबर की देर रात उसने 11 वर्षीय छात्रावासी (मृतक) के साथ गलत इरादे से अनैतिक कृत्य का प्रयास किया।
छात्र ने इसका पुरजोर विरोध किया, जिससे वह मंसूबे में सफल नहीं हो पाया। छात्र ने इसकी शिकायत घर वालों से करने की बात कही।
इसी से डरकर प्रभुनाथ ने छात्र की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए प्रभुनाथ ने शव को सीढ़ी के पास ले जाकर धोती से फंदा बनाकर लटका दिया। उनसे घटना में प्रयुक्त धोती को भी बाद में बदल दिया था।
घटना को आत्महत्या का रुप देने में प्रभुनाथ के साथ मौजूदा प्रधानाध्यापक अवधेश कुमार द्विवेदी तथा प्रभुनाथ के दो बेटे शिवनाथ एवं रामनाथ ने सहयोग किया था।
अभियुक्तों ने परिजनों और पुलिस के सामने लगातार यह दिखाने की कोशिश की, कि छात्र ने स्वयं फांसी लगाई थी। मगर एक-एक कर कई साक्ष्यों के सामने आने पर शातिर प्रभुनाथ ने जुर्म कबूल कर लिया।