रूस और यूक्रेन के बीच बीते 3 सालों से जारी युद्ध के बीच हाल ही में सामने आई रिपोर्ट में हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं।
इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जंग के बीच, रूस करीब 200 कैंप्स लगाकर यूक्रेनी बच्चों को ट्रेनिंग के जरिए ‘रूसी’ बना रहा है।
यह बातें येल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के ह्यूमैनिटेरियन रिसर्च लैब (HRL) द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कही गई हैं।
“स्टोलेन किड्स ऑफ यूक्रेन” नाम की इस रिपोर्ट के मुताबिक इन शिविरों में से आधे से ज्यादा का प्रबंधन रूसी सरकार खुद करती है।
कथित तौर पर इन 200 कैंप्स से आधे से ज्यादा फैसिलिटी में बच्चों को अलग तरह की शिक्षा दी जाती है। वहीं 18 फीसदी कैंप्स में उन्हें मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है।
रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि इनमें से कुछ सुविधाओं में आठ साल की उम्र के बच्चों को भी हथियारों का प्रशिक्षण दिया जाता है। बच्चों को ग्रेनेड फेंकने की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी कहा जाता है।
ब्रेनवॉश करने की योजना?
रिपोर्ट में अलग अलग-जगहों का भी जिक्र है जहां यूक्रेनी बच्चों को ले जाया गया है। इनमें कैडेट स्कूल, सैन्य अड्डा, हेल्थ फैसिलिटी, धार्मिक स्थल, स्कूल और विश्वविद्यालय, होटल, अनाथालय और ट्रेनिंग कैंप का शामिल हैं।
द गार्जियन ने रिपोर्ट पब्लिश करने वाले HRL के निदेशक नथानिएल रेमंड के हवाले से बताया, “यह एक बड़ा नेटवर्क है, जिसे स्पष्ट रूप से यूक्रेनी बच्चों को रूसी बनाने के लिए बनाया गया है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह यूक्रेन के बच्चों को फिर से शिक्षित करने, उनका ब्रेनवॉश करने और उन्हें सैनिक बनाने की एक योजना है।”
पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट
बता दें कि 2023 में एक जांच के बाद, इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस की चिल्ड्रेन कमिश्नर मारिया रवोवा-बेलोवा पर यूक्रेन से बच्चों के सामूहिक अपहरण का आरोप लगाया था।
जांच के बाद, पुतिन के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया।