उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अपने अजीबो-गरीब फैसलों के लिए भी जाने जाते हैं। किम जोंग उन को अब ‘आइस क्रीम’ शब्द से ही नफरत हो गई है।
ऐसे में उन्होंने इस नाम पर प्रतिबंध लगा दिया है। किम जोंग का कहना है कि आइस क्रीम नाम में विदेशी प्रभाव नजर आता है। इसलिए अब इसे ‘एसीयुकीमो या फिर इयूरियुंबोसेउंगी’ के नाम से जाना जाएगा। इसका अर्थ बर्फ से बनी मिठाई होता है।
डेली एनके की रिपोर्ट के मुताबिक किम जोंग उन दक्षिण कोरियाई और पश्चिमी शब्दावली को हटाना चाहते हैं। किम जोंग उन चाहते हैं कि अगर विदेश से कोई पर्यटक भी आए तो उसका प्रभाव यहां ना पड़े बल्कि वह यहां से कुछ सीखकर जाए।
ऐसे में उन्होंने टूरिस्ट गाइड्स के लिए भी एक ट्रेनिंग अकैडमी बनाई है। यहां उन्हें बताया जाता है कि कुछ अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल उन्हें नहीं करना है बल्कि उनकी जगह पर पर्यटकों को भी उत्तर कोरिया के शब्द सिखाने हैं।
रिपोर्ट में एक ट्रेनी गाइड के हवाले से कहा गया कि विदेशियों से बीतचीत आसान करने के लिए उन्हें अंग्रेजी के शब्दों का इस्तेमाल करना पड़ता है। हालांकि डर की वजह से ट्रेनी ने अपना नाम गोपनीय रखा है।
किम जोंग उन के इस फैसले से परेशान होने के बावजूद किसी में आलोचना करने की हिम्मत नहीं है।
एक ट्रेनी ने कहा, टूर गाइड होना एक अच्छा काम है। ऐसे में वह नहीं चाहता कि किसी बयानबाजी की वजह से मुसीबत में पड़े।
एसीयुकिमो शब्द आर्कटिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों से लिया गया है। अलास्का, कनाडा, ग्रीनलैंड और सर्बिया के बर्फीले इलाके में रहने वाले लोगों को एस्किमो के नाम से जाना जाता है। हालांकि एस्किमो नाम भी विवाद की वजह बन गया है।
सांस्कृतिक पहचान को लेकर अलग-अलग समुदाय अलग-अलग नाम को पसंद करते हैं। वहीं भाषा विदों का कहना है कि किम जोंग उन केवल ड्राम कर रहे हैं।
जिस नए शब्द के इस्तेमाल की बात वह कर रहे हैं, वह शब्द भी अंग्रेजी भाषा से ही आया है। के