सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को कुछ अहम निर्देश दिए।
इसमें कोर्ट ने कहा कि वह मसौदा नियम तैयार करते समय उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या को रोकने के लिए रैगिंग, यौन उत्पीड़न और जाति, लिंग, दिव्यांगता तथा अन्य पूर्वाग्रहों के आधार पर भेदभाव से निपटने के सुझावों पर विचार करे।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यूजीसी से दो महीने के भीतर सुझावों पर विचार करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को कुछ अहम निर्देश दिए।
इसमें कोर्ट ने कहा कि वह मसौदा नियम तैयार करते समय उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या को रोकने के लिए रैगिंग, यौन उत्पीड़न और जाति, लिंग, दिव्यांगता तथा अन्य पूर्वाग्रहों के आधार पर भेदभाव से निपटने के सुझावों पर विचार करे।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यूजीसी से दो महीने के भीतर सुझावों पर विचार करने को कहा है।
यूजीसी वर्तमान में विशेषज्ञ समिति की उन सिफारिशों की जांच कर रही है। संबंधित माताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि वे चाहती हैं कि यूजीसी उनके सुझावों पर विचार करे, ताकि किसी और की जान न जाए।
शीर्ष अदालत ने यूजीसी को आठ सप्ताह के भीतर सुझावों पर विचार करने का निर्देश दिया।