पूर्व आईएएस प्रोबेशनर पूजा खेडकर के घर से एक अगवा व्यक्ति को बचाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है।
अब खबर है कि शख्स ट्रक हेल्पर था और उसे दिलीप खेडकर ने अपने बॉडीगार्ड के साथ मिलकर ही अगवा किया था। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया है कि पुलिस स्टेशन आने की बात कहकर दिलीप और उनकी पत्नी मनोरमा खेडकर दोनों का ही पता नहीं चल सका है। दिलीप, पूजा खेडकर के पिता हैं।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के एरोली में दिलीप खेडकर और बॉडीगार्ड प्रफुल्ल सालुंखे लैंड क्रूजर कार से जा रहे थे।
उस दौरान एक सीमेंट मिक्सर उनकी गाड़ी से टकरा गया। रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हेल्पर प्रह्लाद कुमार को जबरन कार में बिठाकर ले जाया गया। इसके बाद कुमार को खेडकर के पुणे स्थित घर पर बंधक बनाकर रखा गया और पीटा गया।
पुलिस उपायुक्त पंकज दहाने ने कहा, ‘हादसे के समय दिलीप खेडकर और बॉडीगार्ड कार में थे। इन लोगों ने ट्रक हेल्पर का अपहरण मुआवजा वसूलने के लिए किया था।’
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रक मालिक ने कुमार के गुमशुदा होने की शिकायत की थी। इसके बाद चश्मदीदों के बयान के आधार पर वह खेडकर के घर पहुंचे, जहां उनकी पत्नी मनोरमा ने कथित तौर पर उनके साथ बदतमीजी की और कुत्ता छोड़ दिया।
ट्रक के मालिक की शिकायत के आधार पर रविवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने बाद में एसयूवी को पुणे में पाया। अधिकारी ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, नवी मुंबई पुलिस ने पाया कि प्रह्लाद कुमार को पुणे ले जाया गया था, जिसके बाद रविवार को एक टीम वहां गई।
अधिकारी ने कहा, “हमें गाड़ी और पीड़ित, पूजा खेडकर के बंगले में मिले।” उन्होंने बताया कि शुरुआत में खेडकर की मां ने पुलिस को घर में घुसने से कथित तौर पर रोका और उनसे उलझ पड़ीं।’’ उनके अनुसार, बाद में पुलिस का दल घर में घुसने में कामयाब रहा। उन्होंने कुमार को वहां से मुक्त कराया और उन्हें नवी मुंबई वापस लाया गया।
उन्होंने बताया कि रबाले पुलिस अधिकारी की शिकायत के बाद, चतुश्रृंगी पुलिस ने मनोरमा खेडकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221 (किसी लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना) के तहत मामला दर्ज किया है। नवी मुंबई पुलिस ने भी उन्हें पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।
कौन हैं पूजा खेडकर
पूजा खेडकर पर आरक्षण का लाभ उठाने के लिए 2022 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अपने आवेदन में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप है। हालांकि, उन्होंने अपने ऊपर लगाये गए सभी आरोपों का खंडन किया है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की है, जिसमें फर्जी पहचान बताकर सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज करना भी शामिल है, जबकि दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ विभिन्न अपराधों के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।
पूजा खेडकर की प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी के रूप में नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू होने के बाद, पिछले साल एक वीडियो सामने आया था जिसमें उनकी मां एक किसान को धमकी देती हुई दिख रही थीं। इस मामले में मनोरमा खेडकर को गिरफ्तार किया गया था हालांकि बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।