भारत में कमाई गई रकम ब्रिटेन में खपाने का आरोप, लेदर निर्यातक समूह पर बड़ी कार्रवाई; 12 करोड़ की ज्वेलरी और नकदी जब्त…

देश के बड़े लेदर निर्यातक समूह मिर्जा इंटरनेशनल और सहयोगी कारोबारियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी में कई बड़े खुलासे हुए हैं। लगातार चार दिन से जारी छापेमारी में अब तक करोड़ों की टैक्स चोरी सामने आई है।

यह भी सामने आया है कि ग्रुप ने भारत में कारोबार से हो रही कमाई ब्रिटेन की कंपनी में चोरी-छिपे लगा दी। इसका आयकर विभाग को एक पैसा टैक्स भी नहीं दिया।

छापेमारी में आधा दर्जन मुखौटा कंपनियों का भी खुलासा हुआ है। अब तक 12 करोड़ की ज्वेलरी और कैश बरामद हुआ है।

गुरुवार सुबह छह बजे से आयकर विभाग की टीमों ने कानपुर, उन्नाव के 18, नोएडा में 11 ठिकानों के अलावा कई शहरों में छापेमारी शुरू की थी।

तिलक नगर में ग्रुप के संचालक के आवास के साथ-साथ सिविल लाइंस, जाजमऊ, कंपनी बाग, स्वरूप नगर, लखनपुर में कारोबार में सहयोगी व रिश्तेदारों के घर-कार्यालय में भी जांच शनिवार को भी जारी रही। उन्नाव के दही औद्योगिक क्षेत्र स्थित मिर्ज़ा इंटरनेशनल ग्रुप की टेनरियों में भी छापेमारी की गई।

रविवार देर शाम तक कानपुर, उन्नाव, दिल्ली, नोएडा, उत्तराखंड, हरियाणा के कई ठिकानों से टीमें हट गईं। अब छापेमारी 38 से घटकर 22 जगह पर सिमट गई।

सभी जगह से कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। वहीं आयकर अधिकारियों ने अबतक 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। माना जा रहा है कि सोमवार शाम तक छापेमारी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

लॉकरों में छिपा खजाना

आयकर विभाग को जांच के दौरान ग्रुप और इनके सहयोगियों के ठिकानों से बड़ी संख्या में लॉकर मिले हैं। आयकर सूत्रों के मुताबिक अब तक 17 लॉकर जांच के दौरान टीम को मिले हैं। इनमें से अभी दो लॉकर को ही खोला गया है।

जिसमें लाखों के गहने और बड़ी नकदी बरामद हुई है। इसका हिसाब-किताब संबंधितों से मांगा गया है।

सहयोगी कंपनी से बोगस खरीद-फरोख्त

छापेमारी के दौरान ग्रुप की ओर से बोगस खरीद-फरोख्त भी उजागर हुई है। जांच के दौरान मार्शल स्पोर्ट्स लिमिटेड से बोगस खरीद-बिक्री जमकर की गई। इसके बड़े स्तर पर साक्ष्य आयकर टीमों को मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक खरीद-बिक्री में कई वित्तीय खामियां भी मिली हैं। फिलहाल अभी जांच चल रही है, इसलिए विभागीय अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

मुनाफा अधिक पर कागज में दिखाया कम

ग्रुप के उत्पादन और कागजों में मिलान में व्यापक स्तर पर हेराफेरी मिल रही है। आयकर विभाग ने कई दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। कई ठिकानों से जब्त दस्तावेजों में कुछ और उत्पादन दिखाया गया, जबकि टेनरियों में स्टॉक में माल अधिक है।

इसको लेकर विभाग ने वैल्यूअरों को लगा रहा है।सूत्र बताते हैं कि ग्रुप के मुख्यालय कानपुर व नोएडा में सर्वाधिक खामियां उजागर हुई हैं।

कम्प्यूटर, लैपटॉप और पेन ड्राइव ने खोला अघोषित लेन-देन का राज

मिर्जा इंटरनेशनल ग्रुप के ठिकानों पर लगातार चौथे दिन आयकर छापेमारी में लगातार बड़ी जानकारियां मिली हैं। 38 ठिकानों से अब तक 100 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विभाग ने कब्जे में ली हैं।

कम्प्यूटर-लैपटॉप और पेन ड्राइव की जांच में अघोषित लेन-देन के बड़े राज सामने आए हैं। ग्रुप की कई संपत्तियों की भी जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक 46 साल से लेदर कारोबार से जुड़े ग्रुप व सहयोगियों ने चमड़े का मुनाफा रियल इस्टेट में लगाया है। इसकी पुख्ता जानकारी विभाग को मिली तो छानबीन में और अधिकारी लगा दिए गए।

बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में समूह का पैसा लगा होने के भी साक्ष्य मिले हैं। दुबई समेत विदेशों में आलीशान संपत्तियों होने की बात सामने आई है।

फोरेंसिक टीमों ने डिलीट डाटा भी रिकवर किए

छापेमारी में कई फोरेंसिक टीमों को भी लगाया गया है। फोरेंसिक टीमों ने डिलीट डाटा भी रिकवर किए हैं। इसके आधार पर संबंधितों से सवाल-जवाब भी आयकर अधिकाारियों ने किए हैं।

लंबे समय से लेदर निर्यात में दुनिया भर में पहचान रखने वाले इस ग्रुप का मुख्यालय भले कानपुर है लेकिन दिल्ली, नोएडा में भी कार्यालय है। रेड टेप ब्रांड का नामी जूता बनाने वाले इस ग्रुप का 24 से अधिक देशों में बंपर कारोबार है।

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