प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर का दौरा करेंगे। वह चूड़ाचांदपुर और इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे।
2 वर्ष पहले राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद मोदी का यह पहला मणिपुर दौरा होगा। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी 8,500 करोड़ रुपये की 31 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे।
मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने प्रधानमंत्री के मणिपुर दौरे की आधिकारिक पुष्टि की।
प्रधानमंत्री की यह यात्रा कुकी और मेईती समुदायों के बीच जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर का दौरा नहीं करने को लेकर विपक्षी दलों की ओर से बार-बार आलोचना के बीच हो रही है। मई 2023 से इस जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
मुख्य सचिव गोयल ने कहा कि केवल हिंसा का नहीं होना ही शांति नहीं है बल्कि विश्वास, सद्भाव और सुलह भी जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘इस तरह प्रधानमंत्री का मणिपुर दौरा राज्य में शांति, सामान्य स्थिति और विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।
प्रधानमंत्री 13 सितंबर को आइजोल से मणिपुर पहुंचेंगे।’ मुख्य सचिव ने बताया कि मोदी चूड़ाचांदपुर और इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे और दो रैलियों को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘मणिपुर के समावेशी, सतत और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत प्रधानमंत्री चुड़ाचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।’
1200 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
विज्ञप्ति के अनुसार, पीएम मोदी इंफाल में 1200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
मोदी की यात्रा की घोषणा पर कांग्रेस ने दावा किया कि यह यात्रा शांति और सद्भाव को ताकत प्रदान करने के बजाय, वास्तव में एक तमाशा साबित होगी।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘तो अब यह आधिकारिक है। प्रधानमंत्री कल मणिपुर में तीन घंटे से भी कम समय बिताएंगे। यह यात्रा शांति और सद्भाव को बल प्रदान करने के बजाय, वास्तव में एक तमाशा साबित होगी।’
पीएम मोदी के दौरे पर क्या बोला विपक्ष
कांग्रेस की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष केइशम मेघचंद्र ने भी आरोप लगाया कि जातीय हिंसा प्रभावित राज्य में मोदी की यात्रा केवल प्रतीकात्मक है।
इसका उद्देश्य शांति कायम करना और न्याय सुनिश्चित करना नहीं है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में सफलतापूर्वक आगे बढ़ने के लिए मणिपुर के पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के लोगों के प्रयासों की सराहना करती है।
उन्होंने कहा, ‘सभी पक्षों के संयुक्त प्रयासों से राज्य में धीरे-धीरे लेकिन शांत तरीके से स्थिरता व सुरक्षा आई है।’ मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद फरवरी से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है।
चुड़ाचांदपुर-इंफाल में कार्यक्रमों में होंगे शामिल
पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार मणिपुर के समावेशी और सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 13 से 15 सितंबर तक मणिपुर समेत 5 राज्यों की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने कहा कि वह शनिवार को चुड़ाचांदपुर और इंफाल में कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘हम मणिपुर के समावेशी और सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सड़क परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, महिला छात्रावासों और अन्य विकास कार्यक्रमों की आधारशिला रखी जाएगी।’
जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा रहा है उनमें मंत्रिपुखरी में सिविल सचिवालय, आईटी एसईजेड भवन और मंत्रिपुखरी में नया पुलिस मुख्यालय, विभिन्न जिलों में महिलाओं के लिए अद्वितीय बाजार शामिल हैं।