उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ी घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की जल्द ही अहम बैठक होनी है। इसमें प्योंगयांग अपने परमाणु हथियारों और सैन्य ताकत को बढ़ाने की नीति पेश करेगा।
सरकारी मीडिया के हवाले से ये खबर आई है। 2019 में अमेरिका के साथ शिखर सम्मेलन असफल रहा। इसके बाद से, उत्तर कोरिया बार-बार कह चुका है कि वह अपने परमाणु हथियार कभी नहीं छोड़ेगा।
किम जोंग उन ने इस हफ्ते हथियार अनुसंधान केंद्रों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्योंगयांग परमाणु ताकत और सशस्त्र बलों को एक साथ बढ़ाने की नीति लाएगा।
किम ने देश की पारंपरिक सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया, हालांकि उन्होंने पार्टी की बैठक की तारीख नहीं बताई।
किम को यूक्रेन युद्ध से हिम्मत मिली है, क्योंकि उन्होंने रूस को हजारों उत्तर कोरियाई सैनिक भेजकर उसका समर्थन हासिल किया है। पिछले साल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था। इस दौरान मॉस्को और प्योंगयांग ने आपसी रक्षा समझौता भी किया था।
रूसी सैन्य तकनीक का भी ट्रांसफर
सियोल ने बार-बार चेतावनी दी कि रूस प्योंगयांग को और समर्थन दे रहा है, जिसमें रूसी सैन्य तकनीक का हस्तांतरण भी शामिल हो सकता है।
इसके बदले में उत्तर कोरिया यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है। कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के सीनियर एनालिस्ट होंग मिन ने बताया, ‘किम का मानना है कि सिर्फ परमाणु हथियारों से तो डराने की सीमा भर है।
प्योंगयांग पारंपरिक हथियारों को आधुनिक बनाकर अपनी युद्ध क्षमता बढ़ाना चाहता है।’ उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य तकनीक सहयोग अब पारंपरिक हथियारों के क्षेत्र में भी बढ़ रहा है।