बोलसोनारो को तख्तापलट के प्रयास का दोषी ठहराते हुए उन्हें गुरुवार को 27 साल और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई।
वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘मैंने वो ट्रायल देखा था। मैं उन्हें अच्छे से जानता हूं। मुझे लगा था कि वह ब्राजील को बहुत अच्छे राष्ट्रपति हैं। यह बहुत चौंकाने वाला है कि ऐसा कुछ हो सकता है।’
ट्रंप ने आगे सजा और प्रतिबंधों की संभावनाओं पर भी बात की।
उन्होंने कहा, ‘यह वैसा ही है, जैसा वो मेरे साथ करना चाहते थे, लेकिन वो बच नहीं सके। लेकिन मैं यह हमेशा कह सकता हूं कि मैं उन्हें ब्राजील के राष्ट्रपति के तौर पर जानता हूं।
वह बहुत अच्छे व्यक्ति थे और मैंने उनके बारे में ऐसा नहीं सोचा था।’ उन्होंने कहा, ‘जैर बोलसोनारो शानदार नेता थे। अब यह ब्राजील के लिए बहुत ही बुरी बात है।’
खास बात है कि भारत के अलावा ब्राजील ही ऐसा देश है, जिसपर ट्रंप ने 50 प्रतिशत जैसा भारी टैरिफ लगाया है।
क्यों हुई पूर्व राष्ट्रपति को सजा
ब्राजील के उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की एक समिति ने पूर्व राष्ट्रपति को 2022 की चुनावी हार के बावजूद पद पर बने रहने के लिए तख्तापलट के प्रयास का दोषी पाया है। बोलसोनारो ने हमेशा आरोपों से इनकार किया है।
वह अभी ब्रासीलिया में घर में नजरबंद हैं। वह फैसले के खिलाफ अपील कर सकते हैं। मामले की सुनवाई कर रहे पांच न्यायाधीशों में से चार ने दक्षिणपंथी नेता को पांच आरोपों में दोषी ठहराया।
हालांकि, इस फैसले का यह मतलब नहीं है कि बोल्सोनारो को तुरंत जेल भेजा जाएगा। न्यायालय की समिति अब इस फैसले को सार्वजनिक करने के लिए अधिकतम 60 दिन का समय ले सकती है।
इसके बाद बोल्सोनारो के वकीलों को स्पष्टीकरण हेतु याचिका दायर करने के लिए पांच दिन का समय मिलेगा।
ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति के बड़े बेटे सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने कहा कि यह सजा ‘सर्वोच्च उत्पीड़न’ है और इतिहास साबित करेगा कि वे सही थे।