गृहिणी से सफल उद्यमी बनीं जानकी यादव, पीएम आवास निर्माण से कमा रहीं अच्छा मुनाफा
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पंचायत पिपरसत्ति की श्रीमती जानकी यादव की कहानी सचमुच प्रेरणादायी है। कभी साधारण गृहिणी रही जानकी का जीवन चूल्हा-चौका और कभी-कभार मजदूरी तक सीमित था। आर्थिक संकट इतना गहरा था कि परिवार को अपना खेत तक गिरवी रखना पड़ा।
वर्ष 2020 में गांव में बिहान योजना की टीम पहुंची और जानकी राधा रानी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ गईं।
यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ी। समूह को जब 60 हजार का सामुदायिक निवेश कोष मिला, तब जानकी ने साहस दिखाते हुए ऋण लिया और छोटा कपड़े का व्यवसाय शुरू किया। यह उनके आत्मनिर्भर बनने की ओर पहला कदम था।
बाद में बैंक से 80 हजार का लोन लेकर उन्होंने सबसे पहले अपना गिरवी रखा खेत छुड़वाया। फिर 2024 में 60 हजार का ऋण लेकर सेंटरिंग प्लेट्स व अन्य निर्माण उपकरण खरीदे और प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान निर्माण कार्यों में जुड़ गईं। आज उनका सेंटरिंग कारोबार लगातार मुनाफा दे रहा है।
जानकी अब न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपनी बेटी को रायपुर में नर्सिंग की पढ़ाई भी करवा रही हैं। वे गर्व से कहती हैं कि पहले हालात बहुत खराब थे, लेकिन बिहान योजना से जीवन में उजाला आया। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और परिवार को सम्मानजनक जीवन दे पा रही हूँ। जानकी की यह सफलता गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है, जो अब बिहान योजना से जुड़कर अपने सपनों को साकार करने की राह पर हैं।