अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब क्या बोलेंगे, यह कोई नहीं जानता। शायद ट्रंप खुद भी नहीं! लेकिन एक बात जो पूरी दुनिया जानती है, वह है उनका ‘तकिया कलाम’।
ट्रंप अक्सर घटनाओं और घटनाक्रमों को ‘Never Before Seen’ यानी ‘पहले कभी न देखा गया’ कहकर बयान करते हैं। इस मुहावरे का उपयोग वे अपने कार्यों को अभूतपूर्व ठहराने के लिए करते हैं।
चाहे वह मिसाइल रक्षा प्रणाली हो, अपराध में कमी हो, या रिकॉर्ड तोड़ आर्थिक वृद्धि, ट्रंप हर चीज को अतिशयोक्तिपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत करते हैं।
दरअसल, यह मुहावरा केवल अलंकार नहीं है, यह दर्शाता है कि ट्रंप दुनिया को किस दृष्टिकोण से देखते हैं और शासन के प्रति उनकी सोच क्या है।
उनके लिए सफलताएं महान हैं, और समस्याएं तात्कालिक संकट, जो व्यापक कार्रवाई को उचित ठहराती हैं। मिसौरी स्टेट यूनिवर्सिटी के संचार प्रोफेसर ब्रायन ओट कहते हैं कि उनका बोलने का अंदाज उनके शासन करने के तरीके को दर्शाता है।
वहीं, वाइट हाउस की प्रवक्ता लिज ह्यूस्टन ने इस दोहराव का बचाव करते हुए कहा कि ट्रंप अमेरिकी राजनीति के इतिहास में सबसे उत्कृष्ट संचारक हैं।
2025 में 194 बार प्रयोग
रोल कॉल के Factba.se के आंकड़ों के अनुसार, ट्रंप ने 2025 में अब तक इस मुहावरे के विभिन्न रूपों का 194 बार उपयोग किया, जो उनके पिछले कार्यकाल से कहीं अधिक है, हालांकि यह उनकी चुनावी रैलियों के स्तर से कम है।
डेटाबेस से पता चलता है कि यह मुहावरा सोशल मीडिया पोस्ट या तैयार भाषणों में कम ही दिखाई देता है, जिससे यह एक मौखिक आदत प्रतीत होती है।
यह संख्या उनके पिछले दो चुनावी अभियानों की तुलना में कम है, जब उनकी रैलियों में भव्य बयानबाजी आम थी, लेकिन यह उनके कार्यकाल के किसी भी पिछले वर्ष से अधिक है। 2019 में 90, 2018 में 77, और 2017 में 48 उदाहरण दर्ज किए गए।
Factba.se ने ट्रंप की सार्वजनिक टिप्पणियों में इस वाक्यांश की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य तकनीकों का उपयोग किया।
डेटाबेस के संचालक बिल फ्रिशलिंग ने कहा कि यह मुहावरा एक मौखिक आदत जैसा लगता है, क्योंकि यह सोशल मीडिया पोस्ट में शायद ही दिखता है। जनवरी 2025 में ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद से तैयार भाषणों में भी यह वाक्यांश शामिल नहीं है। (वाइट हाउस ने इस कार्यकाल में लगभग दो दो दर्जन भाषण जारी किए हैं।)
‘द आर्ट ऑफ द डील’ में भी दिखा यह अंदाज
ट्रंप की बेस्टसेलिंग किताब ‘द आर्ट ऑफ द डील’ में भी यह देखा जा सकता है। 1987 में प्रकाशित इस किताब में ट्रंप कहते हैं कि लोग चाहते हैं कि कोई चीज सबसे बड़ी, सबसे महान और सबसे शानदार हो।
मैं इसे ‘सच्ची अतिशयोक्ति’ कहता हूं। यह अतिशयोक्ति का एक मासूम रूप है और प्रचार का प्रभावी तरीका है। किताब के सह-लेखक टोनी श्वार्ट्ज ने बताया कि उन्होंने ‘सच्ची अतिशयोक्ति’ वाक्यांश गढ़ा था, और ट्रंप को यह बेहद पसंद आया।
ट्रंप के कार्यक्रमों का हिस्सा बन गया यह मुहावरा
यह मुहावरा अब ट्रंप के कार्यक्रमों का अभिन्न हिस्सा है, जिसमें हाल ही में पोलिश राष्ट्रपति के साथ उनकी मुलाकात भी शामिल है।
कभी उनके दावे सटीक होते हैं, तो कभी नहीं। रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में ट्रंप ने कहा कि वे ऐसे स्तर पर सैनिकों को खो रहे हैं, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी ने नहीं देखा।
इतना ही नहीं, अब ट्रंप के शीर्ष सलाहकार भी उनकी भाषा की नकल करते हैं, जैसा कि पिछले सप्ताह तीन घंटे की कैबिनेट बैठक में कई लोगों ने किया।
राजनयिक दूत स्टीव विटकॉफ ने ट्रंप से कहा कि उनकी शांति वार्ता के कारण दुनिया ने वास्तव में ऐसा बदलाव पहले कभी नहीं देखा।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रवासन को नियंत्रित करने के लिए ट्रंप के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे देशों से सहयोग मिल रहा है, जो पहले कभी नहीं देखा गया।
कभी-कभी ट्रंप यह मुहावरा दूसरों के मुंह में भी डाल देते हैं। 15 अगस्त 2025 को फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी के साथ बातचीत में ट्रंप ने दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके नेतृत्व से प्रभावित हुए। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने कहा था, ‘मैंने कभी किसी को इतना कुछ इतनी तेजी से करते नहीं देखा।’