भारत और यूरोपीय संघ अपने महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने के लिए अगले एक महीने में दो दौर की महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को बताया कि इस दौरान दोनों पक्ष गैर-टैरिफ बाधाओं, बाजार पहुंच और सार्वजनिक खरीद जैसे अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
इसके अलावा वाइन तथा डेयरी उत्पादों पर शुल्क के क्षेत्रों में मतभेदों को दूर करने की कोशिश भी की जाएगी।
बता दें कि यूरोपीय आयोग के कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हैनसेन और व्यापार प्रमुख मारोस सेफ्कोविक इस सप्ताह भारतीय वार्ताकारों के साथ बातचीत करने के लिए भारत का दौरा कर रहे हैं। दरअसल, दोनों पक्ष इस साल के अंत तक एफटीए पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं।
सूत्रों ने बताया कि मुक्त व्यापार समझौते पर 13वें दौर की वार्ता आज यानी सोमवार (8 सितंबर) से शुरू होगी, जिसके बाद यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हेन्सन नई दिल्ली का दौरा करेंगे, ताकि वार्ता में राजनीतिक गति लाई जा सके।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन की टैरिफ नीतियों के कारण पैदा हुई उथल-पुथल के बीच व्यापार समझौते का महत्व बढ़ गया है।
सूत्रों ने बताया कि मुक्त व्यापार समझौते पर 13वें दौर की वार्ता आज यानी सोमवार (8 सितंबर) से शुरू होगी, जिसके बाद यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविक और कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हेन्सन नई दिल्ली का दौरा करेंगे, ताकि वार्ता में राजनीतिक गति लाई जा सके। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन की टैरिफ नीतियों के कारण पैदा हुई उथल-पुथल के बीच व्यापार समझौते का महत्व बढ़ गया है।
23 नीतिगत क्षेत्रों में से 11 पर चर्चा पूरी
सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों ने अब तक एफटीए के 23 नीतिगत क्षेत्रों में से 11 पर चर्चा पूरी कर ली है, जिनमें बौद्धिक संपदा, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, पारदर्शिता, नियामक प्रथाएं, पारस्परिक प्रशासनिक सहायता, एसएमई, टिकाऊ खाद्य प्रणाली, विवाद निपटान, प्रतिस्पर्धा और सब्सिडी, डिजिटल व्यापार और धोखाधड़ी विरोधी खंड शामिल हैं। अब दोनों पक्ष कैपिटल मूवमेंट पर बातचीत को तिम रूप देने के करीब हैं।
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार
यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर था।
व्यापार समझौते के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ कई परिवर्तनकारी पहलों को भी आगे बढ़ाने की प्रक्रिया में हैं, जिनमें एक नया राजनीतिक-रणनीतिक नजरिया और रक्षा संबंधों का विस्तार शामिल हैं। ये कदम बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनजर उठाए गए हैं।
यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के दूत शामिल होंगे
गौरतलब है कि यूरोपीय संघ 17 सितंबर को भारत के साथ संबंधों के लिए अपने नए रणनीतिक नजरिये को जारी करेगा। नए उपायों को भारत-यूरोपीय संघ वार्षिक शिखर सम्मेलन में जारी करने की उम्मीद है।
दोनों पक्ष अगले तीन महीनों में कई उच्च-स्तरीय बैठकें और वार्ताएं भी करेंगे, जिनमें यूरोपीय संघ की राजनीतिक और सुरक्षा समिति का भारत दौरा भी शामिल है। इसमें यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के दूत शामिल होंगे।