एक महिला कर्मचारी को कंपनी की ओर से प्रताड़ित करने का मामला सुर्खियों में है। उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि कैसे उनकी कंपनी ने उन्हें भाई की शादी में जाने या नौकरी छोड़ने के बीच चुनने को मजबूर किया।
इस पोस्ट ने इंटरनेट यूजर्स के बीच बहस छेड़ दी। रेडिट यूजर (@Chuckythedolll) चार साल से उस कंपनी में काम कर रही थी।
उसने बताया कि वो हमेशा ओवरटाइम करती थी, नए स्टाफ को ट्रेन करती थी और मुश्किल वक्त में कम सैलरी पर भी काम किया। उनकी पोस्ट का कैप्शन था, ‘मुझे अपने भाई की शादी और नौकरी के बीच चुनने को कहा गया। क्या मैंने नौकरी छोड़कर गलत किया?’
महिला कर्मचारी के भाई की शादी अमेरिका में फिक्स हुई। इसके लिए उन्होंने 15 वर्किंग डेज की छुट्टी मांगी और कंपनी को तीन हफ्ते पहले बता दिया।
लेकिन कंपनी ने सपोर्ट करने की बजाय उन्हें शादी में जाने या नौकरी छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया। इसके बाद उन्होंने समझौता करने की कोशिश की और छुट्टी के दिन कम कर दिए, मगर कंपनी नहीं मानी।
उसने लिखा, ‘मैंने इस कंपनी को अपना सब कुछ दिया, थोड़ी-सी समझदारी की उम्मीद थी, लेकिन मेरे पास कोई चारा नहीं बचा।’
कंपनी पर फूटा गुस्सा
यूजर के सहकर्मी और पुराने बॉस ने भी माना कि कंपनी का रवैया गलत था।
बिना दूसरी नौकरी के ऑफर के महिला कर्मचारी ने नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उनके ऊपर ज्यादा फाइनेंशियल जिम्मेदारी नहीं थी। इस दौरान कंपनी ने नोटिस पीरियड के लिए भी दबाव डाला और रिश्ते खराब होने की चेतावनी दी।
रेडिट पोस्ट पर कई लोगों का ध्यान गया। दूसरे कर्मचारी भी उसके पक्ष में आए और कंपनी के सख्त रवैये की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, ‘मेरे मेंटर ने कहा था कि पर्सनल लाइफ को प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रोफेशनल को उसी हिसाब से एडजस्ट करना होता है।’ दूसरे ने कहा कि मैंने पूरी पोस्ट पढ़ी भी नहीं, बस टाइटल से ही कह सकता हूं, आपने सही किया।