दुनिया से कटे-कटे किम जोंग उन का अचानक क्यों बढ़ा कद, मिल रही खास तवज्जो…

बीजिंग में आयोजित सैन्य परेड में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़े तानाशाह नहीं रहे, बल्कि बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में अपने लिए खास जगह बना चुके हैं।

चीन की राजधानी में यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुई।

इस अवसर पर किम ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ रेड कार्पेट पर हल्की-फुल्की बातचीत और मुस्कुराहटों का आदान-प्रदान किया, जो वैश्विक शक्ति संतुलन को फिर से परिभाषित करने की दिशा में एक साझा मिशन का संकेत देता है।

अलग-थलग रहे कम जोंग

पिछले एक दशक से किम जोंग उन अंतरराष्ट्रीय मंचों से अलग-थलग रहे हैं।

उनके देश के परमाणु हथियार विकास और मानवाधिकार उल्लंघनों के कारण उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। लेकिन बीजिंग में उनकी यह पहली बहुपक्षीय कूटनीतिक उपस्थिति एक अलग कहानी बयां करती है।

यह उपस्थिति 14 साल पहले सत्ता संभालने के बाद उनकी पहली ऐसी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति है। किम का यह कदम बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में उत्तर कोरिया की स्थिति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।

अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता, रूस-यूक्रेन युद्ध, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों ने वैश्विक मंच पर एक नया समीकरण बनाया है।

किम ने रूस के साथ सैन्य साझेदारी को मजबूत किया है और अपने परमाणु और मिसाइल शस्त्रागार का विस्तार किया है। यह स्थिति उन्हें ट्रंप के साथ संभावित वार्ता के लिए मजबूत स्थिति प्रदान करती है।

आधी सदी बाद बहुपक्षीय मंच पर उत्तर कोरिया

करीब आधी सदी बाद कोई उत्तर कोरियाई नेता बहुपक्षीय कूटनीतिक मंच पर नजर आया। किम के दादा किम इल सुंग ने 1980 में युगोस्लाव नेता जोसिप टिटो के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया था।

1959 में वह चीनी सैन्य परेड में भी शामिल हुए थे, उस समय सोवियत नेता निकिता ख्रुश्चेव भी मौजूद थे।

इसके बाद से किम जोंग उन तक कोई उत्तर कोरियाई नेता ऐसे मंच पर नहीं देखा गया। यहां तक कि किम के पिता, किम जोंग इल ने अपने 17 साल के शासनकाल में केवल द्विपक्षीय वार्ताओं तक ही खुद को सीमित रखा था।

वैश्विक शक्ति संतुलन में भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि किम इस अवसर का उपयोग उत्तर कोरिया को एक परमाणु शक्ति के रूप में पेश करने के लिए कर रहे हैं।

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के शोधकर्ता होंग मिन का कहना है कि “उनका अंतिम लक्ष्य यह दिखाना है कि उत्तर कोरिया चीन और रूस की बराबरी करने वाला मध्यम स्तर का परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र है।”

पुतिन और शी से अलग मुलाकात की संभावना

दक्षिण कोरिया की संसदीय खुफिया समिति के सदस्य ली सियोंग-क्वेन ने जानकारी दी कि बीजिंग में किम जोंग की पुतिन और शी जिनपिंग से अलग-अलग वार्ता होने की संभावना है।

किम का मकसद चीन से आर्थिक और कूटनीतिक समर्थन पाना है ताकि भविष्य में अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके और साथ ही रूस पर निर्भरता कम की जा सके, खासकर यूक्रेन युद्ध की संभावित समाप्ति की पृष्ठभूमि में।

बेटी जू ए का वैश्विक मंच पर पदार्पण

किम अपनी बेटी जू ऐ के साथ लगभग 24 घंटे की बख्तरबंद ट्रेन यात्रा के बाद बीजिंग पहुंचे। उनकी बेटी का यह वैश्विक मंच पर पहला आगमन है, जिसने उनके उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किए जाने की अटकलों को और हवा दी है।

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी का मानना है कि जू ऐ की उम्र लगभग 12 वर्ष है और वह किम और उनकी पत्नी री सोल जू की दूसरी संतान है।

रूस-उत्तर कोरिया रक्षा संधि

2011 में सत्ता संभालने के बाद, किम ने उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमताओं को लगातार बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने परमाणु हथियारों के विकास को आगे बढ़ाया और हाल ही में रूस के साथ एक आपसी रक्षा संधि की।

उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए हजारों सैनिकों, तोपखाने के गोले और मिसाइलों की आपूर्ति की है। प्योंगयांग और मॉस्को के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी, और बीजिंग को शामिल करने वाली किसी भी त्रिपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था ने वाशिंगटन, सियोल और टोक्यो में चिंता बढ़ा दी है।

ट्रंप की प्रतिक्रिया

अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने किम के साथ तीन बार मुलाकात की थी, जिसने किम को वैश्विक मंच पर ला खड़ा किया था।

हालांकि, किम ने तब से आगे की वार्ता से इनकार कर दिया है, यह कहते हुए कि पहले वाशिंगटन को उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता देनी होगी।

इस बीच, ट्रंप ने बीजिंग में समारोह के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल साइट पर जिनपिंग के लिए संदेश में लिखा, “जैसा कि आप अमेरिका के खिलाफ साजिश कर रहे हैं.. कृपया व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग उन को मेरी शुभकामनाएं दें।”

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