यूरोपीय देश बेल्जियम से इजरायल को करारा झटका लगा है।
बेल्जियम का कहना है कि वह फिलिस्तीन को मान्यता प्रदान करेगा और इजरायल पर पाबंदियां लगाएगा। बेल्जियम के विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोत ने इसका ऐलान किया है।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सत्र में फिलिस्तीन को बेल्जियम की ओर से मान्यता दी जाएगी। इसके अलावा इजरायल की सरकार पर सख्त प्रतिबंध हम लगाएंगे।
मैक्सिम के पास बेल्जियम की सरकार में उप-प्रधानमंत्री की भी जिम्मेदारी है। इसलिए उनके ऐलान के मायने हैं और उनकी राय एक तरह से बेल्जियम सरकार की आधिकारिक टिप्पणी है।
बेल्जियम के नेता ने ऐलान किया कि हम इजरायल पर 12 सख्त पाबंदियां लगाएंगे। इसके अलावा इजरायली कंपनियों से किसी भी तरह की खरीद की समीक्षा की जाएगी। प्रेवोत ने कहा कि हम गाजा में जारी मानवीय संकट को देखते हुए यह फैसला ले रहे हैं।
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ऐलान किया था वह 9 से 23 सितंबर तक होने वाली यूएन की महासभा में फिलिस्तीन को मान्यता देंगे।
फ्रांस के बाद फिर कनाडा, ब्रिटेन, माल्टा, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी फिलिस्तीन को मान्यता देने की बात कही है। अब तक यूरोप के देशों को अमेरिकी नीति का पिछलग्गू माना जाता था।
ऐसे में अमेरिकी स्टैंड को देखते हुए इन देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता नहीं दी।
लेकिन अब यूरोपीय देशों और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुल्कों की स्थिति बदल गई है। इन देशों का कहना है कि इजरायल नरसंहार कर रहा है और ऐसे में वे फिलिस्तीन को मान्यता देंगे। इससे पहले बीते एक साल में भी कई देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दी है।
इन देशो में मैक्सिको, आर्मीनिया, स्लोवेनिया, आयरलैंड, नॉर्वे, स्पेन, बहामास, ट्रिनीडाड एंड टोबैगो, जमैका और बार्बाडोस शामिल हैं।
अब तक दुनिया के 147 यानी कुल 76 फीसदी देश फिलिस्तीन को मान्यता देते हैं। ऐसे में यदि 6 और देश फिलिस्तीन को मान्यता देंगे तो यह वैश्विक राजनीति में बड़े उलटफेर की शुरुआत होगी।