पुलिस ने मनोज जरांगे को जारी किया नोटिस, आजाद मैदान खाली करने के दिए निर्देश; कारण भी बताए…

मराठा आरक्षण को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल के अनशन का आज यानी मंगलवार को पांचवां दिन है। इसी बीच पुलिस ने जरांगे को आजाद मैदान खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।

वहीं हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि आज दोपहर तक प्रदर्शनकारी सड़कों और गलियों को खाली कर दें जिससे आम लोगों को आने-जाने में असुविधा ना हो।

मनोज जरांगे ने भी अपने कार्यकर्ताओं से सड़कों को खाली करने की अपील की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि किसी भी हालत में हाई कोर्ट के निर्देशों को लागू किया जाएगा।

ऐसे में मराठा प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच टकराव की संभावना बढ़ गई है। एक दिन पहले ही मनोज जरांगे ने कहा था कि वह मराठा आरक्षण के बिना वापस नहीं जाने वाले हैं और इसके लिए वह गोली खाने को भी तैयार हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया था कि अब वह पानी पीना भी बंद कर देंगे।

पुलिस ने जारी किया नोटिस

मुंबई पुलिस ने मनोज जरांगे को नोटिस जारी कर आजाद मैदान खाली करने को कहा है। पुलिस का कहना है कि आजाद मैदान में केवल 5 हजार लोगों को इजाजत दी गई थी जबकि यहां ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया है।

इसके अलावा कई लोग शर्तों का उल्लंघन करते हुए आत्महत्या का भी प्रयास कर चुके हैं। ऐसे में मनोज जरांगे पाटिल को दी जा रही परमीशन रद्द की जा रही है।

एक दिन पहले हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था, मराठा आरक्षण आंदोलन के कारण पूरा शहर ठहर गया है और यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है तथा इसमें सभी शर्तों का उल्लंघन किया गया है।

दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में जरांगे का आंदोलन जारी रहने के बीच हाई कोर्ट ने सोमवार को स्थिति को गंभीर बताते हुए एक विशेष सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलन के लिए लगाई गयी सभी पूर्व शर्तों का उल्लंघन किया गया और उसने प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के लिए निर्धारित स्थान पर ही रहने को कहा।

हाई कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों को आंदोलन के लिए निर्धारित स्थान आजाद मैदान में नहीं रुकने तथा दक्षिण मुंबई में महत्वपूर्ण क्षेत्रों एवं सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए कड़ी फटकार लगाई जिसके बाद 43 वर्षीय जरांगे ने अपने समर्थकों से अदालत के निर्देशों का पालन करने और सड़कों पर इधर-उधर घूमकर लोगों को असुविधा न पहुंचाने को कहा है। हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को तय करते हुए कहा कि यदि तब तक जरांगे की तबीयत बिगड़ती है तो सरकार उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए।

आरक्षण लाभ के लिए मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में शामिल करने की मांग कर रहे जरांगे ने सोमवार दोपहर को पानी पीना बंद कर दिया था, लेकिन शाम को उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कुछ घूंट पानी पिया।

पैदल ही कोर्ट पहुंचे जज

मराठा आरक्षण आंदोलनकारियों के कारण न केवल आम लोगों को, बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट के एक जज को भी असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने दक्षिण मुंबई की सड़कों पर कब्जा कर लिया है और एक जज की कार को रोक दिया, जिसके कारण जज को हाई कोर्ट परिसर तक पहुंचने के लिए थोड़ी दूरी पैदल तय करनी पड़ी। यहां तक ​​कि सरकारी वकील पूर्णिमा कंथारिया को भी अदालत परिसर जज के साथ पैदल आना पड़ा, क्योंकि वह भी फंस गई थीं।

क्या बोले सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए मराठा आरक्षण आंदोलन का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसा करने वालों को आखिरकार मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने कहा, “यह एक सामाजिक मुद्दा है, लेकिन कुछ लोग इसका राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग अपने फायदे के लिए इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन मैं कहता हूँ, जो लोग इस मुद्दे पर अपनी रोटियाँ सेंकने की कोशिश करेंगे, उनका मुँह जलेगा। इसलिए, किसी को भी अपने निजी फायदे के लिए सामाजिक मुद्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *