बीते करीब एक सप्ताह से बाढ़ के कारण त्रस्त पंजाब को लेकर अब केंद्र सरकार भी अलर्ट मोड में आती दिख रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की मीटिंग से लौटते ही सीएम भगवंत मान को फोन किया और बाढ़ के चलते पैदा हुए हालातों का जायजा लिया।
पीएम मोदी इस मामले को लेकर जल्दी ही एक हाईलेवल मीटिंग बुलाने जा रहे हैं।
इस बैठक में पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के चलते आई मुसीबत पर चर्चा होगी। इस दौरान बचाव कार्यों को लेकर भी पीएम मोदी कुछ आदेश दे सकते हैं और राहत राशि का भी ऐलान हो सकता है।
एक सूत्र ने बताया कि पीएम मोदी ने दिल्ली में लैंडिंग करते ही सीएम भगवंत मान को कॉल किया। उन्होंने पूछा कि पंजाब में बारिश और बाढ़ के चलते क्या स्थिति है।
उन्होंने हरसंभव मदद केंद्र सरकार की ओर से दिलाने का भरोसा दिया। भगवंत मान ने हाल ही में केंद्र सरकार को पत्र लिखा था और 60 हजार करोड़ रुपये की मदद तत्काल देने की डिमांड रखी थी।
अब तक भाजपा का कोई शीर्ष नेता या केंद्रीय मंत्री पंजाब के दौरे पर नहीं गया है। इस बाढ़ में अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 गांवों के बाढ़ के पानी में डूबने की खबर है।
पंजाब सरकार का कहना है कि हमारी केंद्र से अपील है कि बाढ़ से त्रस्त पंजाब को मदद करने के लिए आपदा प्रबंधन ऐक्ट के तहत प्रावधनों में थोड़ी राहत दी जाए।
पंजाब सरकार का कहना है कि बाढ़ को भी आपदा माना जाए और पूरे राज्य को प्रभावित घोषित किया जाए। पंजाब सरकार का कहना है कि हिमाचल को लेकर पहले ही ऐसा ऐलान किया जा चुका है।
वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हम पंजाब में बाढ़ की समस्या से निपटने के उपायों पर काम कर रहे हैं। चौहान ने कहा कि हमारी तरफ से राज्य को हरसंभव सहायता मिलेगी। पंजाब के किसानों के साथ इस मुश्किल वक्त में हम खड़े हैं।
हरियाणा में भी अलर्ट, स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश
इस बीच हरियाणा में भी अलर्ट की स्थिति है। गुरुग्राम से लेकर यमुनानगर तक पूरे राज्य में लगातार बारिश का दौर जारी है। इसके अलावा यमुना का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
भारी बारिश को देखते हुए भिवानी प्रशासन ने स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया है। निजी से लेकर सरकारी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी हुआ है।