चौहान ग्रीन वैली सोसायटी के चुनाव में महासचिव सैयदा परवीन का पलड़ा भारी…

भिलाई.. 21 अगस्त रविवार को चौहान ग्रीन वैली रेजिडेंशियल सोसायटी की आम चुनाव मैं महासचिव पद के लिए घमासान युद्ध मचा हुआ है पुरी कॉलोनी को बैनर पोस्टर से पट गया है ऐसा लग रहा है जैसे मानो कोई विधानसभा लोकसभा का चुनाव हो रहा है सारे प्रत्याशी एक से एक लोक लोहवान वादे दिए जा रहे हैं।

लेकिन यहां की जनता जानती है गर्मी के दिनों में जो संकट इन्होंने झेला है वह समिति के जिम्मेदार पदाधिकारी का ही लापरवाही का ही नतीजा था, पिछले 6 महीना में अपने नि:स्वार्थ कार्यों से से लोगों के दिलों में अपनी जगह बना लेने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजीव मिश्रा ने समिति की नियमावली आने के बाद अपने नाम वापसी की सहज घोषणा कर दी थी।

इसके बाद यहां के कर्मठ एवं जुझारू ईमानदार व्यक्तित्व एवं प्रशासनिक कार्यों की जानकार पीएसएन राव के ऊपर भरोसा जताते हुए उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित कर दिया, इस चुनाव मेंचुनाव में लगभग 360 मतदाता यहां के उपाध्यक्ष और महासचिव, सचिव सांस्कृतिक सचिव के मुख्य पदों के लिए कड़ी टक्कर होने जा रही है यहां के मतदाताओं का रुझान है कि पिछली समिति मैं मनोनीत पदाधिकारी रहे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए कभी भी लोगों ने नहीं देखा जागरूकमतदाता हमेशा वक्त का इंतजार करता है ।

आज वह वक्त आ गया है इस परिसर में सभी धर्म के लोग सौहार्द पूर्ण वातावरण में एक पारिवारिक माहौल बनाते हुए रहते हैं यही कारण है कि सैयदा परवीन इस समिति में महासचिव पद के लिए मजबूर दावेदार कर रही है और उसका पलड़ा भारी भी होता नजर आ रहा है।

वहीं उपाध्यक्ष के लिए डॉक्टर रमजान खान ने भी अपने प्रतिद्वंदी को दिन में दो बार पूरे ग्रीन वैली के चक्कर लगाने को मजबूर कर रखा है सचिव पद के लिए जहां बहुत विशेष टक्कर नहीं है।

आज वह वक्त आ गया है इस परिसर में सभी धर्म के लोग सौहार्द पूर्ण वातावरण में एक पारिवारिक माहौल बनाते हुए रहते हैं यही कारण है कि सैयदा परवीन इस समिति में महासचिव पद के लिए मजबूर दावेदार कर रही है और उसका पलड़ा भारी भी होता नजर आ रहा है वहीं उपाध्यक्ष के लिए डॉक्टर रमजान खान ने भी अपने प्रतिद्वंदी को दिन में दो बार पूरे ग्रीन वैली के चक्कर लगाने को मजबूर कर रखा है सचिव पद के लिए जहां बहुत विशेष टक्कर नहीं है

वहीं सांस्कृतिक सचिव के तीन पदों के लिए चार प्रत्याशी मैदान में , कुल मिलाकर एक बात तय है यह पहली बार होने वाले चुनाव मे मतदाता, और प्रत्याशियों को छोड़ दे शेष बचे परिसर के निवासी गढ़ लोगों के आरोप प्रत्यारोप का खूब मजे ले रहे हैं अभी यह तो 31 अगस्त की शाम को पता चलेगा यहां की जनता किसको नुकीले खिलों की ताज किसके सर पर रखती है।

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