पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव पर गैर-जमानती वारंट, अमेरिका में पन्नू साजिश मामले में आया था नाम…

दिल्ली की एक अदालत ने पूर्व रॉ अधिकारी विकास यादव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।

अमेरिका ने विकास को खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की कथित साजिश में साजिशकर्ता बताया था।

अदालत ने कहा कि यादव कथित अपहरण और जबरन वसूली के एक मामले में बार-बार बुलाए जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुए।

पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालर ने सोमवार को एक आदेश में कहा कि विकास यादव सुबह से अनुपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि आरोपी विकास यादव के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाता है और उनके जमानतदार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 491 (जमानत जब्त होने की प्रक्रिया) के तहत 17 अक्टूबर तक नोटिस दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, यादव के परिवार का एक सदस्य इस मामले में जमानतदार था।

18 दिसंबर को गिरफ्तार हुए थे विकास यादव

बता दें कि 18 दिसंबर 2023 को दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने यादव को गिरफ्तार किया था, जब रोहिणी निवासी की शिकायत पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर जबरन वसूली और अपहरण का आरोप लगाया गया था और उन्हें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ा गया था।

यह गिरफ्तारी अमेरिकी अधिकारियों द्वारा पन्नू मामले में यादव का नाम दर्ज किए जाने के तीन सप्ताह बाद हुई थी।

रोहिणी मामले में यादव और उनके एक कथित सहयोगी को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था, जबकि पुलिस ने आरोप पत्र भी दायर किया था।

इस बीच, यादव ने अदालत में ‘अपनी जान को खतरा’ बताते हुए पेशी से छूट की अर्जी दाखिल की थी, जिसे मंजूर कर लिया गया था।

हालांकि, उन्होंने सोमवार को कोई नई अर्जी दाखिल नहीं की, जिसके बाद अदालत को यह कदम उठाना पड़ा। यादव के वकील आरके हांडू ने सुनवाई की पुष्टि की, लेकिन कहा कि उन्हें गैर-जमानती वारंट की जानकारी नहीं है।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, जांचकर्ताओं ने विकास यादव को दुबई में महादेव ऑनलाइन बुक सट्टेबाजी रैकेट के एक कथित सदस्य से भी जोड़ा है।

इस बीच, यादव के कथित सहयोगी अब्दुल्ला खान ने अदालत में उनके पासपोर्ट की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन दायर किया, जिसमें दावा किया गया कि उनके पिता को ब्लड कैंसर है, जिसके लिए उन्हें अतिरिक्त चिकित्सा सलाह के लिए दुबई, सिंगापुर और यूके जाना होगा।

अदालत ने कहा कि दिए गए तर्कों के आधार पर पासपोर्ट की अवधि अगली सुनवाई की तारीख 17 अक्टूबर तक बढ़ाई जाती है।

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