ब्राजील में रियो डो सुल के एक अस्पताल में सीटी स्कैन के दौरान महिला वकील की मौत हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 वर्षीय लेटिसिया पॉल की गंभीर एलर्जी के कारण मृत्यु हुई। पॉल एनाफिलेक्टिक शॉक का शिकार हो गईं।
डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। लेटिसिया की चाची सैंड्रा पॉल ने बताया कि उनकी भतीजी को किडनी स्टोन था। इस कारण वह नियमित जांच करा रही थी मगर अचानक उसे एनाफिलेक्टिक शॉक हुआ।
जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार, एनाफिलेक्टिक शॉक अचानक, गंभीर और जानलेवा एलर्जी है। इसके चलते सांस लेने में कठिनाई, गले में सूजन और रक्तचाप में कमी जैसे लक्षण सामने हैं।
लेटिसिया पॉल ब्राजील के रियो डो सुल के पास लॉनट्रास से लॉ ग्रेजुएट थीं। वह कानून और रियल एस्टेट में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही थीं।
उनकी चाची ने बताया, ‘वह जीवंत और मजबूत व्यक्तित्व वाली लड़की थी। उसे कानून से बहुत प्यार था। वह बहुत पढ़ाकू थी। उसके बड़े सपने थे और मुझे यकीन है कि वह कानूनी क्षेत्र में एक जाना-माना नाम बनती।’
क्यों कभी बनती है जानलेवा स्थिति
हॉस्पिटल ग्रुप की ओर से कहा गया, ‘हम नैतिकता, पारदर्शिता और स्वास्थ्य देखभाल सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता को दोहराते हैं। इस घटना को लेकर जांच की जा रही है।’
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, आयोडीन वाली कंट्रास्ट डाई का इस्तेमाल सीटी स्कैन, एमआरआई और एक्स-रे में अंगों व ऊतकों की तस्वीरों को साफ करने के लिए किया जाता है।
यह ज्यादातर सुरक्षित है, लेकिन 5000 से 10000 मरीजों में से किसी एक को गंभीर एलर्जी हो सकती है, जो जानलेवा हो जाती है।
रेडियोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. मुरिलो यूजेनियो ओलिवेरा ने कहा कि ये कंट्रास्ट एजेंट आमतौर पर सुरक्षित और प्रभावी होते हैं। एलर्जी की समस्याएं बहुत कम होती हैं।