श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी पर शशि थरूर बोले– ये बदले की राजनीति, जताई गहरी चिंता…

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को गिरफ्तार किए जाने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चिंता जताई है।

उन्होंने वर्तमान श्रीलंका सरकार से बदले की राजनीति छोड़ने और अपने पूर्व राष्ट्रपति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का आग्रह किया है।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब श्रीलंका में रानिल विक्रमसिंघे को पद पर रहते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि रानिल विक्रमसिंघे के ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वह मामूली प्रतीत होते हैं।

गिरफ्तारी के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी सेहत चिंता का विषय है। थरूर ने लिखा, “श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को मामूली आरोपों में हिरासत में लिए जाने को लेकर चिंतित हूं। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पहले ही उन्हें जेल अस्पताल ले जाया जा चुका है।”

जानता हूं आतंरिक मामला है: शशि थरूर

थरूर ने इसे श्रीलंका का आंतरिक मामला बताते हुए कहा, “मैं इस बात का पूरा सम्मान करते हुए कि यह श्रीलंका का आतंरिक मामला है, बस श्रीलंकाई सरकार से यह आग्रह करना चाहता हूं कि वह बदले की राजनीति का त्याग करें और अपने पूर्व राष्ट्रपति के साथ सम्मान और गरिमा के साथ पेश आएँ, देश के प्रति उनकी दशकों की सेवा के बाद वह इसके तो हकदार हैं ही।”

मैंने सिर्फ श्रीलंका के लिए काम किया: रानिल

आपको बता दें, इससे पहले वरिष्ठ श्रीलंकाई पत्रकार वेंकट नारायण ने भी पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को हस्यास्पद बताया था। उन्होंने कहा कि यह हास्यास्पद है।

रानिल ने अपनी गिरफ्तारी के ठीक पहले कहा था, “मैंने अपने लिए कुछ नहीं किया। मैंने सिर्फ श्रीलंका के लिए काम किया है। और आप सभी मुझे जानते हैं। मुझे गिरफ्तार करना दर्शाता है कि राष्ट्रपति अनुरा दिसानायके किस तरह के प्रशासन का नेतृत्व कर रहे हैं।”

श्रीलंकाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी लंदन के एक निजी खर्च को सरकारी धन से पूरा करने के आरोपों को लेकर हुई है।

विक्रमसिंघे 6 बार श्रीलंका के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। 2022 में आर्थिक संकट के दौरान जब राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे देश छोड़कर भाग गए तो विक्रमसिंघे ने ही देश की कमान संभाली थी।

उन्हें देश को आर्थिक संकट से निकालने का श्रेय भी दिया जाता है। बाद में 2024 में जब चुनाव हुए तो विक्रमसिंघे, अनुरा कुमारा दिसानायके से चुनाव हार गए।

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