अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से रूस के साथ उसके संबंधों में हल्की सी गर्माहट आ गई है।
यूक्रेन में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए पूरा यूरोप भले ही अलग राय रखता हो, लेकिन ट्रंप कुछ हद तक रूस की बातों को मानने की तैयारी में है।
वह लगातार जेलेंस्की को समझौते तक लाने की कोशिश में लगे रहते हैं। पुतिन भी उनके इस व्यवहार से खुश होकर उनकी तारीफ को कुछ न कुछ कहते ही रहते हैं।
अलास्का में ट्रंप के साथ बैठक के बाद पुतिन ने एक बार फिर उनकी तारीफ की है। रिपोर्ट्स के अनुसार पुतिन ने कहा कि अब, जबकि ट्रंप अमेरिका की सत्ता पर हैं, तो उन्हें सुरंग के अंत में रोशनी दिखाई दे रही है।
रूस के परमाणु उद्योग की 80 वीं सालगिरह पर एक कार्यक्रम में पुतिन ने माना की अमेरिका के साथ रूस के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, “जहां तक संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हमारे संबंधों का सवाल है, तो वह अपने निम्नतम स्तर पर हैं। हालांकि, अब ट्रंप सत्ता में हैं, ऐसे में सुरंग के अंत में रोशनी नजर आ रही है।”
गौरतलब है कि 2014 से पहले तक रूस और अमेरिका के संबंध काफी बेहतर थे। यहां तक की रूस को जी-8 का भी सदस्य बनाया गया था। क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद चीजें बिगड़ने लगी। उसके बाद यूक्रेन का नाटो में शामिल होने की कोशिश करना और नाटो अमेरिका द्वारा उसका समर्थन करना। इन फैसलों ने मॉस्को और वाशिंगटन के रिश्तों में पहले से मौजूद खाई को और चौड़ा कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पुतिन ने कहा कि पश्चिमी यूरोप बिना संप्रभुता के रह सकता है। लेकिन अगर रूस ने इसे गंवा दिया तो हमारा अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा, “कुछ ऐसे देश हैं, जो बिना संप्रभुता के आसानी से अस्तित्व में रह सकते हैं। आज पश्चिमी यूरोप में देखें तो वास्तव में कोई संप्रभु देश नहीं है। इस बात से कई अन्य देश भी सहमत हैं। लेकिन रूस यह जोखिम नहीं ले सकता। क्योंकि अगर रूस अपनी संप्रभुता खो देता है तो वह अस्तित्वहीन हो जाएगा।”