जिसे एलन मस्क ने कहा था ‘सांप’, उसी सर्जियो गोर को ट्रंप बनाने जा रहे हैं भारत में US राजदूत…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में सर्जियो गोर को नॉमिनेट किया है।

यह वही शख्स हैं जिन्होंने ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच झगड़ा करवाया। इन्हीं के कारण ट्रंप प्रशासन से मस्क को इस्तीफा देना पड़ा था।

आपको बता दें कि चुनाव अभियान के दौरान ट्रंप के साथ साये की तरह दिखने वाले एलन मस्क ने मई में ‘सरकारी दक्षता विभाग’ (DOGE) के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यह विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आया।

जून 2025 में एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सर्जियो गोर को सांप तक कह दिया था।

न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के जवाब में उन्होंने यह हमला किया था, जिसमें दावा किया गया था कि गोर ने अपने स्थायी सुरक्षा मंजूरी के लिए जरूरी सुरक्षा मंजूरी के कागजात पूरे नहीं किए थे।

आपको बता दें कि उस समय गोर व्हाइट हाउस के ‘प्रेसीडेंशियल पर्सनल ऑफिस’ के निदेशक के रूप में हजारों कार्यकारी शाखा कर्मचारियों की जांच की देखरेख करते थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि वे अपनी उच्च-स्तरीय जांच जिम्मेदारियों के बावजूद अंतरिम मंजूरी के तहत काम कर रहे थे। हालांकि, वाइट हाउस ने इन दावों का जोरदार खंडन किया और कहा कि गोर ने सभी आवश्यक कदम उठाए थे और उनकी मंजूरी सक्रिय थी।

मस्क और गोर के बीच तनाव

कैबिनेट बैठकों में दोनों के बीच टकराव देखने को मिला। ‘द हिल’ की रिपोर्ट के अनुसार, मस्क और गोर के बीच कैबिनेट बैठकों सहित कई मौकों पर तीखी बहस हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि मस्क ने कर्मचारियों की नियुक्तियों को लेकर असहमति पर गोर को डांटा भी था।

इसके अलावा, एलन मस्क के सहयोगी जेरेड आईजैकमान को नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) का नेतृत्व करने के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन उनकी उम्मीदवारी वापस ले ली गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोर ने आईजैकमान पर एक डोजियर ट्रंप को सौंपा था, जिसमें डेमोक्रेट्स को दिए गए उनके पिछले दान का उल्लेख किया गया था। इस कदम ने एलन मस्क को और भी ज्यादा नाराज कर दिया।

एलन मस्क का इस्तीफा

एलन मस्क ने मई में DOGE के प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया था। इस पद पर उनका मुख्य कार्य संघीय खर्च में कटौती करना था।

उनका यह इस्तीफा तब आया जब वे एक विशेष सरकारी सलाहकार के रूप में अधिकतम कार्यकाल की अवधि के करीब पहुंच गए थे।

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