इंटरपोल की रेड कॉर्नर सूची में शामिल गैंगस्टर मंयक सिंह के प्रत्यर्पण की निगरानी करने के लिए भारतीय अधिकारियों की एक टीम अजरबैजान की राजधानी बाकू पहुंच चुकी है।
सिंह को पिछली साल बाकू में हिरासत में लिया गया था। मामले के परिचित लोगों के मुताबिक उसका प्रत्यर्पण शनिवार तक होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंह को इंटरपोल की रेड कॉर्नर सूची में रखा गया था। वह झारखंड का पहला गैंगस्टर है, जिसे विदेश से गिरफ्तार किया गया हो और प्रत्यर्पण का सामना करना पड़ रहा हो।
लॉरेंस बिश्नोई से संबंध
मयंक सिंह का आपराधिक इतिहास कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ भी रहा है। वह कई मामलों में बिश्नोई गैंग का भी घनिष्ठ रहा है।
भारत से भागने से पहले वह राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में कई बड़े अपराधों में शामिल था। देश से बाहर जाने के बाद भी वह लगातार यहां पर अपने आपराधिक कारनामों को अंजाम देता रहा।
वह इंटरनेट कॉल के जरिए लगातार भारतीय व्यापारियों को धमकी देता और सोशल मीडिया पर अपने काम का बखान करता था। इसके अलावा वह लगातार हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें भी शेयर करता था।
भारत-अजरबैजान संबंध
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अजरबैजान ने पाकिस्तान का खुलकर समर्थन किया था। इस वजह से भारत के साथ उसके संबंधों में तनाव बढ़ गया था।
तनाव बढ़ने की एक और वजह भारत का अर्मेनिया को हथियार सप्लाई करना भी है। हालांकि इन सभी बातों का असर अपराधियों पर शिकंजा कसने पर नहीं पड़ा है।
मयंक सिंह के पहले पिछले साल एक और भारतीय गैंगस्टर संजीव कुमार उर्फ हर्ष को अजरबैजान में हिरासत में लिया गया था, बाद में उसे भारत को सौंप दिया गया। पुलिस ने बाद में उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया था।