अंधेरी रातों में, राजधानी की राहों पर… राष्ट्रपति ट्रंप खुद करेंगे गश्ती; क्यों लिया ऐसा फैसला…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह गुरुवार रात राजधानी वॉशिंगटन डीसी की सड़कों पर राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के जवानों के साथ खुद गश्त करेंगे और राजधानी में पहले से तैनात पुलिस और सैन्य बलों का साथ देंगे।

समाचार पोर्टल पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंजर्वेटिव रेडियो होस्ट टॉड स्टार्नेस, जो न्यूज़मैक्स पर एक शो भी होस्ट करते हैं, से बात करते हुए कहा कि वह इस बारे में जानकारी गुप्त रखेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति का यह कदम उनके प्रशासन द्वारा राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के तहत उठाया गया है।

ट्रंप ने रेडियो होस्ट टॉड स्टार्नेस से कहा, “मैं आज रात बाहर जा रहा हूँ… मैं इसे गुप्त रखूँगा। मैं पुलिस और सेना के साथ बाहर जा रहा हूँ।

नेशनल गार्ड ने शानदार काम किया है।” हालांकि, बुधवार देर रात जारी राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रम में यह यात्रा शामिल नहीं थी।

नाम न छापने की शर्त पर समाचार पोर्टल से बात करते हुए व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि इस यात्रा के बारे में आगे की जानकारी जल्द ही दी जाएगी।

वाइट हाउस ने भी यह स्पष्ट नहीं किया है कि गश्ती के दौरान पुलिस और सेना के साथ ट्रम्प की मौजूदगी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होगी या वह एक बंद कमरे तक ही सीमित रहेंगे।

ट्रंप के कदम की तीखी आलोचना

अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी राजधानी की सुरक्षा में कई सप्ताह से बढ़ रहे संघीय हस्तक्षेप के बीच आई है, इस कदम की राजधानी के अधिकारियों और नागरिक अधिकार समूहों ने तीखी आलोचना की है।

बता दें कि ट्रंप की यह घोषणा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर के यूनियन स्टेशन के अघोषित दौरे के एक दिन बाद हुई, जहाँ उन्होंने नेशनल गार्ड के जवानों को बर्गर परोसे थे। इस दौरे में तब अफरा-तफरी मच गई, जब प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम में बाधा डाली, नारे लगाए और अधिकारियों से डीसी को आज़ाद करने की मांग की।

वॉशिंगटन में संघीय बलों की तैनाती का विरोध

दरअसल, कुछ दिनों पहले ही ट्रम्प ने वॉशिंगटन के पुलिस बल पर संघीय नियंत्रण और नेशनल गार्ड के जवानों की राजधानी में तैनाती की घोषणा की थी।

ट्रंप ने शहर में बढ़े अपराध से निपटने की कोशिश के तौर पर यह बदलाव किए हैं। हालाँकि, हाल ही में वॉशिंगटन पोस्ट-शार स्कूल दिवारा किए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि वॉशिंगटन के अधिकांश नागरिकों ने स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर संघीय नियंत्रण का विरोध कर रहे हैं।

पुलिस बल का संघीय अधिग्रहण

ट्रंप के आलोचकों ने इस कदम को शहर के पुलिस बल का संघीय अधिग्रहण बताया है। ट्रम्प ने इस तैनाती को यह दावा करके उचित ठहराया है कि देश की राजधानी हिंसक अपराध की लहर का सामना कर रही है।

उन्होंने तर्क दिया कि कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए नेशनल गार्ड सैनिकों और संघीय अधिकारियों की संख्या में वृद्धि आवश्यक थी।

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