पाकिस्तान के प्रशासन ने बुधवार को भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश की पाबंदी 23 सितंबर तक बढ़ा दी।
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष के मद्देनजर यह प्रतिबंध सबसे पहले 23 अप्रैल को एक महीने के लिए लगाया गया था। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी।
पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण ने एक नया नोटम (नोटिस टू एयरमैन) जारी कर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध को एक महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की है।
प्राधिकरण ने कहा, ‘भारतीय एयरलाइनों द्वारा संचालित सभी विमानों को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध भारत के स्वामित्व वाले या पट्टे पर लिए गए सैन्य और नागरिक विमानों पर भी लागू रहेगा।’
सबसे पहले हवाई क्षेत्र 23 अप्रैल को एक महीने के लिए बंद किया या था। इसके जवाब में भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के लिए 30 अप्रैल को जवाबी प्रतिबंध लगा दिया था।
बाद में प्रतिबंध को 23 मई को फिर बढ़ाया गया। पाकिस्तान ने आगे 24 अगस्त तक के लिए उसके क्षेत्र में भारतीय विमानों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।
पाकिस्तान को हो रहा नुकसान
खबर है कि हवाई क्षेत्र पर रोक लगाए जाने से पाकिस्तान को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, डॉन ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से लिखा कि पाकिस्तान एयरपोर्ट अथॉरिटी को सिर्फ 2 महीनों में 1240 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।
इसकी वजह ट्रांजिट चार्ज हैं, क्योंकि पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र से रोज 100 से ज्यादा विमान गुजरते हैं और रोक के कारण पाकिस्तान का हवाई यातायात करीब 20 फीसदी तक गिर गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भी पुष्टि की है कि हवाई क्षेत्र पर बैन लगाने से राजस्व का बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा था, ‘बंद करने से हमारे ओवरफ्लाइंग चार्जेस और ट्रांजिट ट्रैफिक पर गंभीर असर पड़ा है।’