पुतिन की पॉटी और पेशाब भी विदेश में नहीं छोड़ते उनके बॉडीगार्ड्स, जानें इसके पीछे की वजह…

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शुक्रवार देर रात अलास्का में मुलाकात हुई।

यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक चर्चा हुई। गौरतलब है कि 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का अमेरिका का पहला दौरा था। इस दौरान कुछ ऐसी बातें सामने आईं, जो अब चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

पुतिन का ‘पूप सूटकेस’

दरअसल पुतिन जब भी किसी विदेशी दौरे पर जाते हैं, उनके साथ एक खास ‘पूप सूटकेस’ जाता है। इस सूटकेस में उनका मल और मूत्र एकत्र किया जाता है, जिसे बाद में मॉस्को वापस लाया जाता है।

पुतिन की सुरक्षा टीम विदेशी दौरों पर बुलेटप्रूफ सूटकेस के साथ चलती है, जिसमें से एक सूटकेस को ‘पूप सूटकेस’ कहा जाता है। यह विशेष रूप से उनके मल और मूत्र को इकट्ठा करने के लिए होता है।

पुतिन ऐसा क्यों करते हैं?

इसके पीछे का मकसद उनकी सेहत और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है। माना जाता है कि मल और मूत्र के नमूनों की जांच से किसी व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, बीमारियां, खान-पान और जीवनशैली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

पुतिन नहीं चाहते कि उनके प्रतिद्वंद्वी देश या खुफिया एजेंसियां उनकी सेहत से संबंधित कोई जानकारी हासिल करें। यही वजह है कि उनकी सुरक्षा में तैनात कर्मचारी विदेशी दौरों पर उनका मल इकट्ठा कर रूस वापस ले जाते हैं।

सबसे पहले फ्रांसीसी पत्रिका ने दी थी जानकारी

यह जानकारी सबसे पहले फ्रांसीसी पत्रिका पेरिस मैच में प्रकाशित हुई थी, जिसे पत्रकार रेजिस गेंटे और मिखाइल रुबिन ने लिखा था।

उन्होंने बताया कि पुतिन के सुरक्षा अधिकारी उनके कचरे को सीलबंद बैगों में पैक करके एक विशेष ब्रीफकेस में रखते हैं और उसे मॉस्को भेज देते हैं।

इसके बाद द इंडिपेंडेंट ने 2022 में इस बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की। यह प्रथा 2017 में पुतिन की फ्रांस यात्रा और 2019 में सऊदी अरब यात्रा के दौरान देखी गई थी।

क्या है मकसद?

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, इसका उद्देश्य विदेशी खुफिया एजेंसियों को पुतिन के मल के नमूने हासिल करने से रोकना है, जिससे उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी का खुलासा हो सकता है।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पूर्व बीबीसी पत्रकार फरीदा रुस्तमोवा ने भी ऐसी घटनाओं की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पुतिन कभी-कभी विदेशी यात्राओं के दौरान ‘निजी बाथरूम’ या पोर्टेबल शौचालय का उपयोग करते हैं। उनके अनुसार, पुतिन ने अपने नेतृत्व की शुरुआत से ही यह प्रथा अपनाई है।

पुतिन का स्वास्थ्य और अटकलें

पुतिन का स्वास्थ्य लंबे समय से अटकलों का विषय रहा है। खासकर 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध शुरू करने के बाद। कुछ अपुष्ट रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि वह कैंसर या पार्किंसंस रोग से पीड़ित हो सकते हैं, हालांकि क्रेमलिन ने इन दावों का खंडन किया है।

इतिहास में ऐसे कई उदाहरण

मानव मल का उपयोग खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कोई नई बात नहीं है। बताया जाता है कि 1949 में जोसेफ स्टालिन ने चीनी नेता माओत्से तुंग का मनोवैज्ञानिक प्रोफाइल तैयार करने के लिए उनके मल पर गुप्त परीक्षण का आदेश दिया था।

शीत युद्ध के दौरान ब्रिटिश एजेंटों ने भी सोवियत सैनिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए टॉयलेट पेपर का अध्ययन कर जानकारी हासिल की थी।

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