रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलास्का में मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया।
उन्होंने रविवार को कहा कि रूस को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। ट्रंप ने कहा, ‘रूस पर बड़ी प्रगति है। नजर बनाए रखिए।’
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करके सस्पेंस बढ़ा दिया है। हालांकि, उन्होंने इसे लेकर कुछ विस्तार से नहीं बताया।
अलास्का में पुतिन से मुलाकात से कुछ घंटे पहले ट्रंप ने कहा था कि वह यूक्रेन में युद्धविराम देखना चाहते हैं। अगर आज इस पर सहमति नहीं बनी तो वह खुश नहीं होंगे।
ऐसा मालूम होता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अलास्का से बिना किसी समझौते के ही वापस लौट आए। उन्होंने कहा, ‘हम वहां तक नहीं पहुंचे और बाद में अस्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने और पुतिन ने बहुत प्रगति की है।’
ट्रंप की ओर से आगामी दिनों में पुतिन के साथ बातचीत करने के सुझाव पर फिर विचार किए जाने की संभावना है। रूसी नेता ने कहा कि उनकी अगली बैठक मॉस्को में हो सकती है।
क्या जमीन की अदला-बदली होगी?
शिखर सम्मेलन के बाद इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि यूक्रेन में युद्ध कैसे समाप्त हो सकता है और क्या भूमि की अदला-बदली होगी? इस पर ट्रंप ने कहा, ‘ये वे बिंदु हैं जिन पर हम काफी हद तक सहमत हैं।’
यूक्रेन से क्षेत्रीय रियायतें हासिल करना लंबे समय से शांति समझौते पर किसी भी वार्ता के लिए मॉस्को की पूर्व शर्तों में से एक रहा है।
पुतिन शायद यह दांव लगा रहे हैं कि यूक्रेन पर लगातार सैन्य दबाव बनाए रखते हुए इन रियायतों पर जोर देना उनके लिए फायदेमंद होगा।
यूक्रेन में युद्ध को लेकर जनता में बेचैनी बढ़ रही है। पुतिन उम्मीद कर रहे होंगे कि थकी हुई जनता आखिरकार इस समझौते को स्वीकार्य और आकर्षक भी मानेगी।
‘यूक्रेन क्षेत्रीय रियायतों पर सहमत नहीं’
रूस ने रातोंरात यूक्रेनी शहरों पर नए हमले शुरू कर दिए, जिनमें 300 से अधिक ड्रोन और 30 मिसाइल शामिल थीं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि कीव क्षेत्रीय रियायतों पर सहमत नहीं होगा।
ऐसा कदम यूक्रेन के संविधान के तहत अवैध होगा, जिसमें देश की क्षेत्रीय सीमाओं में परिवर्तन को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रव्यापी जनमत संग्रह की आवश्यकता होती है।
युद्धविराम के बदले जमीन समझौते के पीछे यह धारणा है कि इससे यूक्रेनी और यूरोपीय सुरक्षा बढ़ेगी। ट्रंप इसे व्यापक शांति समझौते के लिए पुतिन को बातचीत की मेज पर लाने का अवसर मानते हैं।
हालांकि, यूक्रेन के लिए इस तरह के समझौते का खतरा साफ है। इसके तहत रूस यूक्रेन में बड़े पैमाने पर चल रहे युद्ध को रोक तो सकता है, लेकिन यह लगभग निश्चित रूप से देश को अंदर से अस्थिर करना जारी रखेगा।