अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूसी समकक्ष पुतिन से मीटिंग होने वाली है।
इस मीटिंग से पहले ट्रंप ने पुतिन से एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर पुतिन उनकी बात नहीं मानते हैं तो वह मुश्किल में पड़ जाएंगे।
ट्रंप की इस बात को पुतिन के ऊपर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच अलास्का में यह मीटिंग होने वाली है। दोनों देशों के नेताओं की इस मीटिंग पर भारत समेत पूरी दुनिया की नजर है।
लोगों की जान बचाने के लिए
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर पुतिन यूक्रेन से समझौते में हीला-हवाली करते हैं तो उन्हें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। ट्रंप ने आगे कहा कि यह सब मैं अपने लिए नहीं कर रहा हूं।
यह मेरे स्वास्थ्य की बात नहीं है। मुझे यह सब करने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि मैं बस अपने देश पर ध्यान देना चाहता हूं। लेकिन बहुत से लोगों की जान बचाने के लिए मुझे यह करना पड़ रहा है।
मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो…
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया था कि क्या पुतिन मीटिंग के दौरान क्षेत्रों की अदला-बदली पर भी बात होगी? इस पर ट्रंप ने कहा कि इस पर बात होगी। लेकिन मैं चाहूंगा कि इस बारे में यूक्रेन फैसला करे।
मुझे लगता है कि वही लोग इस बारे में सही फैसला कर सकेंगे। ट्रंप ने आगे कहा कि मैं यहां यूक्रेन के लिए निगोशिएशन करने नहीं आया हूं।
उन्होंने कहा कि पुतिन तो पूरा यूक्रेन लेना चाहते हैं। अगर मैं अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं होता तो अब तक वह पूरा यूक्रेन ले चुके होते। लेकिन मेरे रहते वह ऐसा नहीं कर पाएंगे।
भारत के तेल खरीदने पर क्या बोले
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए शुल्क ने मॉस्को के वॉशिंगटन के साथ बैठक करने के लिए तैयार किया।
उन्होंने कहा कि अगर रूस ऐसा नहीं करता तो वह अपने दूसरे सबसे बड़े ग्राहक को खो सकता था। फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हर चीज का असर होता है।
ट्रंप ने दावा कि जब उन्होंने भारत से कहा कि हम आपसे शुल्क लेंगे, क्योंकि आप रूस से तेल खरीद रहे हैं तो इस स्थिति में भारत को रूस से तेल खरीदना बंद करना पड़ा।