प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के युवाओं से देश आत्म निर्भर बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया।
उन्होंने आयात किए जाने में खर्च किए जा रहे पैसे के बारे में बात करते हुए कहा कि अगर हमें यह आयात नहीं करना पड़ता तो हमारे देश का अरबों रुपया हमारे किसानों के काम आता, हमारे देश के युवाओं को रोजगार में काम आता।
इतना ही नहीं पीएम मोदी ने ऊर्जा में भारत की जरूरतों को पूरा करने के लिए समुद्र में तेल भंडार खोजने और सौर ऊर्जा को बढ़ाने का भी ऐलान किया।
पीएम मोदी ने यूपीआई और फार्मा सेक्टर का जिक्र करते हुए कहा कि हम दुनिया की फार्मेसी कहे जाते हैं। हमारा यूपीआई आज पूरे भारत में अरबों रुपयों का लेनदेन करने में सक्षम है। हमारे युवाओं में सामर्थ्य है।
आईटी में आत्मनिर्भर
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आईटी का युग है, डेटा की ताकत है क्या समय की मांग नहीं है कि ऑपरेटिंस सिस्टम से साइबर सुरक्षा तक, फिनटेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक सारी चीजें हमारी अपनी हों, जिस पर हमारे ही लोगों का समार्थ्य हो।
इसका परिचय दुनिया को कराना है। हम दुनिया के प्लेटफार्म कर रहे हैं। हमारे में सामर्थ्य है रियल टाइम ट्रांजैक्शन में 50 फीसदी आज केवल भारत कर रहा है। मैं देश के नौजवानों को चुनौती देता हूं कि आइए और देश के धन को बाहर जाने से रोकिए।”
फर्टीलाइजर्स में आत्मनिर्भर
पीएम मोदी ने उर्वरकों के क्षेत्र में भारत की दूसरे देशों के ऊपर निर्भरता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “ऊर्जा क्षेत्र की तरह फर्टिलाइटर इसमें भी हमें दुनिया के सामने निर्भर रहना पड़ता है।
मेरे देश के किसान भी फर्टिलाइटर का सही उपयोग करके देश की सेवा कर सकते हैं… अनाप-शनाप उपयोग से धरती माता को नुकसान पहुंचाता है।
इसके साथ ही मैं देश के नौजवानों से, प्राइवेट सेक्टर से और निजी संस्थानों से कहना चाहता हूं कि आइए हम फर्टी लाइजर के नए उपयोग खोजें… और रिसर्च करके हम अपना फर्टीलाइजर तैयार करें ताकि हम दूसरों पर निर्भर न रहें।
इसके अलावा पीएम मोदी ने फाइटर जेट के इंजन को भी देश में बनाने के लिए युवाओं से कहा। उन्होंने कहा क्या समय की मांग है कि हम अपने फाइटर जेट का इंजन अपने देश में बनाए।
इसके अलावा क्रिटिकल मिनरल का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि दुनिया क्रिटिकल मिनरल को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क हो गई है। भारत भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।