अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर आरोप लगाया है कि अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील में थोड़ा ढीला रवैया अपना रहा है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
उन्होंने यह भी कहा था कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, इसलिए यह कदम उठा रहे हैं। आपको बता दें कि अमेरिका–भारत के बीच व्यापार वार्ता इस समय बेहद अहम दौर में है।
ट्रंप प्रशासन ने कुल 50% टैरिफ की घोषणा की थी, जिसमें से आधा (25%) 7 अगस्त से लागू हो चुका है और शेष आधा 27 अगस्त से लागू होना तय है।
बेसेंट ने अमेरिकी टीवी चैनल पॉक्स बिजनेस नेटवर्क के कार्यक्रम में कहा कि उनका लक्ष्य अक्टूबर अंत तक बड़े व्यापार समझौते पूरे करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हम सभी प्रमुख देशों के साथ ठोस शर्तों पर सहमति बना लेंगे।
सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार टैरिफ के असर की समीक्षा कर रही है और इसके लिए निर्यातकों से परामर्श चल रहा है। साथ ही, वैकल्पिक व्यापार साझेदारियों के विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि अमेरिका को भारत के कुल माल निर्यात के करीब 55% मूल्य पर इन पारस्परिक टैरिफ का असर पड़ेगा।
अमेरिका का रूस–भारत तेल व्यापार पर एतराज
ट्रंप ने भारत को रूस का सबसे बड़ा या दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार बताया और दावा किया कि उनकी टैरिफ कार्रवाई ने रूसी अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दिया है।
उन्होंने कहा, “रूस में उनकी संभावनाएं बहुत हैं, लेकिन वे अच्छा नहीं कर रहे। उनकी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।”
भारत–अमेरिका रिश्तों में हाल के महीनों में तनाव बढ़ा है। ट्रंप ने पहले दावा किया था कि उन्होंने भारत–पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया, जिसे भारत ने खारिज कर दिया। इसके बाद उन्होंने भारत के टैरिफ पर कई बार तीखे बयान दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र में शामिल होंगे, जहां 23 सितंबर को ट्रंप भी भाषण देंगे।
यह पीएम मोदी का इस साल का अमेरिका का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले फरवरी में व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक हुआ था।