ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जख्म खाया पाकिस्तान अब फिर तनाव बढ़ाने वाले कदम उठा रहा है।
एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से खबर है कि इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के लिए अखबार, गैस और साफ पानी जैसी सुविधाओं पर रोक लगाई जा रही है।
हालांकि, इसे लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की राजधानी में काम कर रहे भारतीय राजनयिकों के काम और जीवन को मुश्किल बनाने के लिए ये फैसले लिए जा रहे हैं।
सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट में शीर्ष सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर राजनयिकों को परेशान किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने बताया है कि SNGPL यानी सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन लिमिटेड की तरफ से भारतीय उच्चायोग के परिसर में पाइपलाइन लगा दी गई हैं, लेकिन जानबूझकर सप्लाई को रोका जा रहा है।
कथित तौर पर गैस सिलेंडर की सप्लाई करने वालों को भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय स्टाफ को सिलेंडर देने से मना कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय मिशन की तरफ से जिस सप्लायर को साफ पानी का ठेका दिया गया है, उसे भी डिलीवरी देने से रोका जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि इसके चलते स्टाफ परेशान है, क्योंकि नल का पानी बगैर फिल्टर किए पीने के लिए सुरक्षित नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी न्यूज पेपर सप्लायर को मिशन में अखबार देने से भी मना कर दिया है।
कहा जा रहा है कि इसकी बड़ी वजह अधिकारियों को प्रिंट मीडिया से दूर कर स्थानीय जानकारियों से वंचित रखा जाना है।
सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तानी के ये फैसले वियना कन्वेंशन का उल्लंघन करते हैं।
खास बात है कि साल 2019 में हुए पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान में तनाव बरकरार है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के ही पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने हालात और खराब कर दिए हैं।
दोनों ही मौकों पर भारत ने जवाबी कार्रवाई कर आतंकवादी ठिकानों को नष्ट किया है। 2019 में भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर जवाब दिया। वहीं, मई में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पहलगाम का बदला लिया।