अगले हफ्ते होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम बैठक से पहले, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे रूस को युद्ध में कब्जा किए गए यूक्रेनी इलाके सौंपने को कतई मंजूर नहीं करेंगे।
दरअसल, यूक्रेनी अधिकारियों और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, तीन साल से ज्यादा के इस महायुद्ध में रूसी सेना यूक्रेन के 20 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर कब्जा कर चुकी है और ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि कब्जा किए यूक्रेनी हिस्सों को रूस को देने में कोई आपत्ति नहीं।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों घोषणा की कि वे 15 अगस्त को अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे, जहां वे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए वार्ता करेंगे।
ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच एक युद्धविराम समझौता नजदीक है, जिसमें यूक्रेन को कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र सौंपने पड़ सकते हैं।
जेलेंस्की को यूरोपीय नेताओं का भी समर्थन
यूरोप के कई नेता भी जेलेंस्की के समर्थन में खड़े हुए हैं और यूक्रेन के पक्ष में अपनी एकजुटता जताई है, खासकर ऐसे वक्त में जब अमेरिका और रूस के बीच शांति वार्ता की उम्मीदें जगी हैं।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह बैठक वैश्विक राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, लेकिन जेलेंस्की का यह कड़ा रुख संकेत देता है कि शांति वार्ता में जटिल चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। यूक्रेन की जमीन को लेकर कोई समझौता आसान नहीं होगा।
हर किसी को खुश नहीं कर सकते- वेंस
इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी भी समझौते से दोनों पक्षों को पूरी तरह खुश नहीं किया जा सकता है।
उनका मानना है कि ऐसा कोई भी शांति समझौता जो दोनों देशों द्वारा स्वीकार किया जाए, दोनों के लिए असंतोषजनक होगा।
फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में वेंस ने कहा, “यह किसी को सुपर खुश नहीं करेगा। शायद अंत में रूस और यूक्रेन दोनों ही इससे खुश नहीं होंगे।”
उन्होंने बताया कि अमेरिका ऐसी शांति की कोशिश कर रहा है जिसे दोनों देश स्वीकार कर सकें।