अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तीखा तंज कसा है।
एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि वह ट्रंप से कैसे निपटेंगे, तो थरूर ने चुटकी लेते हुए कहा, “आपको मेलानिया ट्रंप से पूछना चाहिए कि वह डोनाल्ड से कैसे निपटती हैं।”
थरूर ने स्पष्ट कहा कि अगर वार्ता के बाद भी भारत पर 50% टैरिफ लागू रहा तो हमें भी वही करना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी दोहरे मानदंडों की आलोचना की।
थरूर ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप की तुलना स्कूल के मैदान में दबंगई करने वाले से करते हुए कहा कि अमेरिका ने गलत टारगेट चुना है और भारत की आत्मसम्मान पर कोई सौदेबाजी नहीं होगी।
उन्होंने 25 अगस्त को दिल्ली में होने वाली भारत-अमेरिका वार्ता से पहले संयम और समझदारी से बातचीत करने की सलाह दी। साथ ही भारत की लाल रेखाएं स्पष्ट करने की बात कही।
थरूर ने कहा, “हमारे देश में 70 करोड़ लोग कृषि पर निर्भर हैं। हम उन्हें सस्ते अमेरिकी अनाज कू बाढ़ में बहा नहीं सकते। कुछ क्षेत्रों में हम लचीलापन दिखा सकते हैं, लेकिन कृषि पर समझौता नहीं होगा।”
थरूर के अनुसार, अमेरिका ने जनवरी से मई तक रूस से 806 मिलियन डॉलर के उर्वरक खरीदे, जो सालभर में 1.8 से 2 अरब डॉलर तक पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा रूस से यूरेनियम आयात में 28% की वृद्धि हुई। पैलेडियम का लगभग 1 अरब डॉलर का आयात किया गया। साथ ही एयरक्राफ्ट पार्ट्स, इंजन कंपोनेंट्स, और केमिकल्स भी खरीदे गए।
थरूर ने कहा, “कैसे ट्रंप कह सकते हैं कि भारत के डॉलर रूस के युद्ध को फंड कर रहे हैं और अमेरिका के डॉलर नहीं? यह सीधी-सीधी कपटपूर्ण और अनुचित सोच है।”
थरूर ने तीन हफ्ते की बातचीत की अवधि में भारत को मजबूती से खड़े रहने की सलाह दी और कहा कि अगर अमेरिका अनुचित रवैया जारी रखता है तो भारत को दूसरे बाजार ढूंढने होंगे।