पिछले 6 महीनों में कई देशों के बीच में शांति समझौता करवाने का दावा करने वाले ट्रंप अब दो और दुश्मन देशों के बीच में शांति समझौता करवाने का दावा कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा कि वह आर्मेनिया और अजरबैजान के नेताओं के साथ एक बैठक की मेजबानी करने जा रहे हैं। इस बैठक के दौरान उन्हें उम्मीद है कि वह दक्षिण काकेशस देशों के बीच में दशकों से चल रहे संघर्ष को समाप्त कर पाएंगे।
वाइट हाउस के मुताबिक शुक्रवार को अर्मेनियाई राष्ट्रपति वहागन खाचतुरियन और अजरबैजान के प्रधानमंत्री अली आसदोव और राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
सोशल मीडिया साइट पर इस आगामी मीटिंग की घोषणा करते हुए ट्रंप ने खुद को धन्यवाद भी दिया। ट्रंप ने लिखा, “इन दोनों देशों के बीच कई सालों से युद्ध जारी है।
इसकी वजह से हजारों लोग मारे जा चुके हैं। अब तक कई दूसरे नेताओं ने इस युद्ध को रोकने की कोशिश की है लेकिन कोई भी सफल नहीं हो सका है। अब हम सफल हुए हैं, इसके लिए ‘ट्रंप’ को धन्यवाद।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, “अमेरिका इन दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय समझौते करेगा, जिससे दोनों देशों की आर्थिक उन्नति में मदद हो और उन्हें सही मौके मिलें। हम दक्षिणी काकेशस का उच्चतम स्तर पर उपयोग कर सकेंगे। मुझे अजरबैजान और अर्मेनिया के नेताओं पर गर्व है। वह अपने देश के लोगों के लिए बिल्कुल सही फैसला कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि अजबैजान और अर्मेनिया के बीच में नागोर्नो-काराबाख वाले हिस्से को लेकर पिछले कई दशकों से युद्ध चल रहा है।
अमेरिका, रूस और फ्रांस लगातार दोनों देशों के बीच में शांति समझौता करवाने के प्रयास में लगे रहते हैं लेकिन वह अभी तक इसमें सफल नहीं हो पाए हैं।
दोनों देशों इस जगह के लिए कई बार उलझ जाते हैं। सोवियत संघ के पतन के बाद शुरू हुए युद्ध में करीब 30 हजार लोग मारे गए थे। उसके बाद दोनों देश 2020 में एक बार फिर आमने-सामने आ गए इस युद्ध में करीब 6 हजार लोग मारे गए, जबकि 2022 में हुए कुछ दिनों की लड़ाई में भी कई दर्जन लोग मारे गए थे।
आपको बता दें कई देशों के बीच में शांति समझौता करवाने का दावा करने वाले ट्रंप लगातार खुद के लिए नोबेल पुरस्कार की मांग करते आ रहे हैं।
यही नहीं कई अन्य देशों ने भी ट्रंप की टेड़ी नजर से बचने के लिए उनके लिए पुरस्कार की मांग की है। ट्रंप भी अपनी दूसरी पारी में लगातार ट्रेड और टैरिफ का इस्तेमाल करके भू-राजनीतिक मुद्दे सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
जनवरी में सत्ता संभालने वाले ट्रंप ने अभी तक कई देशों के बीच शांति करवाने का दावा किया है इसमें कांगो और रवांडा के बीच में, ईरान और इजरायल के बीच में और तो और भारत और पाकिस्तान के बीच में भी ट्रंप सीजफायर करवाने का दावा कर चुके हैं।
हालांकि भारत की तरफ से यह साफ इनकार कर दिया गया है कि पाकिस्तान के साथ सीजफायर में अमेरिका का हाथ था। भारत की नीति रही है कि वह पाकिस्तान के साथ किसी भी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा।