अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज कर दी हैं।
खबर है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर रखे इनाम को भी दोगुना कर दिया है। इधर, वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका के इस फैसले की आलोचना की है।
साथ ही इसे राजनीतिक प्रोपेगैंडा करार दिया है। ट्रंप अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी मादुरो की गिरफ्तारी की कोशिश कर चुके हैं।
अमेरिका ने मादुरो पर दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्कर होने के आरोप लगाए हैं। साथ ही वेनेजुएला के नेता ने पर कार्टल्स के साथ काम करने और अमेरिका में कोकेन लाने के भी आरोप लगाए हैं।
एटॉर्नी जनरल पैम बोंडी ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में मादुरो न्याय से नहीं बच पाएंगे और उन्हें अपने अपराधों की सजा मिलेगी।’ गुरुवार को इनाम राशि का ऐलान किया गया है।
साल 2020 में मादुरो को अमेरिका में कोकेन पहुंचाने की साजिश में मैनहैटन कोर्ट में दोषी पाया गया था। तब अमेरिकी सकार ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 15 मिलियन डॉलर का ऐलान किया था।
इसके बाद राष्ट्रपति पद संभालने वाले जो बाइडेन ने रकम को बढ़ाकर 25 मिलयन डॉलर कर दिया था। खास बात है कि अमेरिका ने इतना ही इनाम ओसामा बिन लादेन पर रखा था।
बोंडी ने कहा कि न्याय विभाग ने मादुरो से जुड़ी 700 मिलियन डॉलर की संपत्तियों को जब्त कर दिया है। इनमें 2 प्राइवेट जेट शामिल हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग 7 टन कोकेन के तार सीधे तौर पर मादुरो से जुड़े हैं।
वेनेजुएला सरकार भड़की
वेनेजुएला के विदेश मंत्री युवान गिल ने अमेरिका सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा, ‘जो ऐसा कर रहे हैं, हमें इस बात से कोई हैरानी नहीं है। वही जिसने एप्सटीन की गुप्त सूची होने का दावा किया था और जो राजनीतिक फायदों के लिए स्कैंडल में शामिल रहा हो।’