भाई-बहन का पावन त्योहार रक्षाबंधन इस साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन बहन भाई को राखी बांधती है। हिंदू धर्म में शुभ मुहूर्त में कार्य करने का विशेष महत्व बताया गया है। रक्षाबंधन के दिन भी शुभ मुहूर्त में राखी बांधना शुभ होता है।
इस वर्ष रक्षाबंधन या रखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त प्रातः काल से ही आरम्भ हो जाएगाा। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष भद्रा से पूरी तरह मुक्त रहेगा।
करीब 40 वर्षों बाद बन रहे इस संयोग की वजह से बहनें बिना किसी दोष के पूरे दिन भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
इस वर्ष रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, सौभाग्य योग, बुधादित्य योग सहित बृहस्पति और शुक्र की युति व चंद्रमा का श्रवण नक्षत्र में गोचर इस दिन को और भी पुण्यदायी बना रहे हैं।
राखी बांधन का शुभ मुहूर्त-
इस दिन रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त सुबह से ही शुरू हो जाएगा, लेकिन राखी बांधन के लिए दोपहर 1.24 मिनट तक का ही समय है, इसके बाद भाद्रपद मास की प्रतिपदा तिथि आरम्भ हो जाएगी।
राखी बांधन के लिए सावन मास की पूर्णिमा तिथि ही उत्तम रहती है।
विशेष मुहूर्त सुबह 5:39 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक है। 9 अगस्त 2025 को दिन में 1:23 बजे तक रक्षा बंधन का कार्य किया जाएगा।
इस दिन आयुष्मान एवं सौभाग्य योग एवं स्थिर योगा व्याप्त रहेगा। इस साल राखी बांधने के लिए कुल 7 घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा।
बहनें ऐसे बांधें राखी-
रक्षाबंधन के पावन दिन सबसे पहले बहनें बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाएं। अक्षत् (चावल) लगाएं। फिर रक्षा सूत्र बांधें।
उनका मुंह मीठा अवश्य कराएं। इसके बाद बहनें भाई की आरती अवश्य करें। वहीं भाई भी बहनों को अवश्य कुछ न कछ उपहार दें।