सैयद जावेद हुसैन (सह संपादक – छत्तीसगढ़):
धमतरी- नगर निगम के पिछले कार्यकाल में विपक्ष मे विजय मोटवानी ने जो धारदार भूमिका निभाई वह पूरे शहर ही नहीं बल्कि प्रदेशभर में चर्चा का विषय रहा, और यही एकमात्र कारण है कि निगम में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार पर कुछ हद तक अंकुश लग पाया था।
जब कार्यकाल समाप्ति के दौर में था तो भाजपा कार्यालय में प्रखर भाजपा पार्षद विजय मोटवानी समेत विपक्ष के सभी पार्षदों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर निगम में हुए भ्रष्टाचार जिसमें स्ट्रीट लाइट घोटाला, गार्डन चेयर खरीदी, फिनायल, डस्टबिन खरीदी, रिक्शा घोटाला, ठेला घोटाला, सहित तत्कालीन महापौर की निधि का बंदरबांट को लेकर यह बयान दिए थे कि भाजपा सरकार आने के बाद एक महीने के अंदर कार्रवाई की जाएगी जिस पर नगर निगम प्रशासन का निरंतर ध्यान श्री मोटवानी द्वारा आकृष्ट कराया गया, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई!
जिससे आम जनमानस में उक्त जनप्रतिनिधियों के प्रति अविश्वास का भाव पैदा हो गया है, जिसे लेकर श्री मोटवानी द्वारा आयुक्त प्रिया गोयल से मिलकर मांग की है कि निगम द्वारा पूर्व कार्यकाल के भ्रष्टाचार तथा स्तरहीन कार्य पर जिम्मेदार ठेकेदार, सप्लायर तथा जनप्रतिनिधियों के ऊपर कार्यवाही करतें हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाए अन्यथा वे स्वयं 10 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर उग्र एवं कठोर कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदेही नगर निगम प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों की होगी।