मानसूनी ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है।
रायपुर में दोपहर को मध्यम बारिश हुई। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अति भारी बारिश हुई है। मध्य छत्तीसगढ़ में उमस भरी गर्मी का अहसास भी हो रहा है।
इधर मौसम विभाग ने 23 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश का मुख्य केंद्र मध्य, उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिले हो सकते हैं।
इस बार मानसून सरगुजा संभाग के जिलों में पर ज्यादा मेहरबान है। यहां लगातार भारी से अति भारी बारिश हो रही है। आने वाले पांच दिनों पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, बस्तर, नारायणपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर जिले में जोरदार बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में बारिश के साथ बादल गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की घटना भी हो सकती है। वहीं हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। मौसम विभाग ने यह अलर्ट तीन घंटों के लिए जारी है।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर अमृतसर, चंडीगढ़, शामली, शाहजहांपुर, लखनऊ, छपरा, बांकुरा, केनिंग और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।
एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पश्चिम बिहार और उससे लगे उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है।
इसके प्रभाव से मध्यम बारिश होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश भी हो सकती है। भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ हो सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटे में प्रदेश के सभी संभागों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। बिलासपुर संभाग के कोरबा जिले में सबसे ज्यादा 37.5 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है।
एक दिन पहले मुंगेली में 35.7 डिग्री अधिकतम तापमान रिकार्ड किया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक एक द्रोणिका एवं चक्रीय चक्रवात उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित होने के कारण उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे बलरामपुर, प्रतापपुर तथा अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है।
तीन से चार दिनों के बाद मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।