राज्यसभा का सत्र मंगलवार को भी हंगामेदार रहा। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभापति पर ही सवाल उठा दिए।
उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का नाम लेकर सवाल किया कि ‘सदन कौन चला रहा है?’ इसे लेकर सदन में जमकर नारेबाजी हुई।
उपराष्ट्रपति पद से अगस्त में जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह पद पर बने हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खरगे ने कहा, ‘हमारे पुराने नेताओं ने भी माना है कि व्यवधान डालना भी लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन आज मैं आपसे एक बाद पूछना चाहता हूं कि सदन कौन चला रहा है? आप या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह।’ इसपर सिंह ने जवाब दिया, ‘ये एकदम गलत आरोप हैं।’
कार्यवाही स्थगित
SIR को वापस लेने की मांग कर रहे विपक्षी दलों ने मंगलवार को भी राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
उप सभापति हरिवंश ने जरूरी विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद सदस्यों को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव के 34 नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी नोटिस नियमों के अनुरूप नहीं हैं इसलिए इन्हें स्वीकार नहीं किया गया है।
एजेंसी वार्ता के अनुसार, इससे पहले उन्होंने सदन को बताया कि नेता विपक्ष खरगे ने गत एक अगस्त को उन्हें एक पत्र लिख कर आसन के निकट सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती पर आपत्ति जतायी। इसी बीच विपक्ष के सदस्यों ने अपनी जगह से उठकर शोर शराबा शुरू कर दिया।
उपसभापति ने हंगामे के बीच ही कहा कि यह चिंता की बात है कि नेता विपक्ष ने अपना पत्र सभी मर्यादाओं को भूलकर मीडिया को भी जारी कर दिया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष आसन की अपील के बावजूद बार बार नियमों का उल्लंघन कर कार्यवाही को बाधित कर रहा है। यहां तक कि विपक्ष के सदस्य सदन में अपनी बात रखने वाले सदस्यों की सीट पर जाकर वहां भी व्यवधान पैदा कर रहे हैं। यह नियमों का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि सदस्यों को अपने आचरण पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आसन के निकट के स्थान की एक मर्यादा है लेकिन विपक्षी सदस्य उसका उल्लंघन कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आसन के निकट केवल मार्शलों को ही तैनात किया गया है और यह बहुत पुरानी परंपरा है।